
शिवपुरी। हमारे हाथों में अनदेखी गंदगी छिपी होती है, जो किसी भी वस्तु को छूने, उसका उपयोग करने एवं कई तरह के दैनिक कार्यों के करण होती है। यह गंदगी, बगैर हाथ धोए खाद्य एवं पेय पदार्थों के सेवन से आपके शरीर में जाती हैं, और बीमारियों को जन्म देती हैं। हाथों की धुलाई के प्रति जागरूकता पैदा करने के मकसद से पूरे विश्व में 15 अक्टूबर को विश्व हाथ धुलाई दिवस मनाया जाता है। यह बात शासकीय श्रीमंत माधवराव सिंधिया स्नातकोत्तर महाविद्यालय शिवपुरी में पदस्थ अतिथि विद्वान डॉ रामजी दास राठौर ने विश्व हाथ धुलाई के अवसर पर छात्र-छात्राओं को समझाई।इस अवसर पर महाविद्यालय की अनेक छात्र छात्राएं उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि 15 अक्तूबर को हर साल विश्व भर में ग्लोबल हैंडवाशिंग डे मनाया जाता है। इस डे का उद्देश्य लोगों में हाथ धोने के लिए जागरूकता फैलाना है, क्योंकि हर साल बहुत सारे लोग हाथ न धोने के कारण किसी न किसी गंभीर बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। केवल खाना खाने के पहले ही नहीं बल्कि हाथों की स्वच्छता हर समय रखना बेहद जरूरी है। इस तरह की आदत हमेशा ही हमें स्वस्थ रखने में मदद करती है।
सरकार के जागरूकता मिशन के बाद बहुत से लोग हाथ धोने के ध्यान रखते हैं, साथ ही अपने बच्चे को भी सिखाते हैं। इसी जागरूकता का ही नतीजा है कि बिना साबुन और पानी के हाथों को साफ करने के लिए सैनेटाइजर का प्रयोग शुरू किया गया, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये सैनिटाइजर बच्चों के लिए फायदेमंद है या नुकसानदेह।
हाथों की सफाई के लिए शुरू की गई मुहिम में लोगों ने बच्चों को सैनिटाइजर से हाथ साफ कराने की आदत डाल दी, लेकिन जरूरत से ज्यादा इसका प्रयोग अब बच्चों में कई तरह की बीमारियों को न्योता दे रहा है।
सैनिटाइजर के बहुत ज्यादा प्रयोग से बच्चों को कई सारी तकलीफों का सामना करना पड़ा था, जिसमें आंखों में जलन, सूजन और लाली की समस्या हो रही थी। इसके साथ ही बच्चों के पेट में दर्द, उल्टी और खांसी की समस्या भी हुई, जिसमें से ज्यादातर बच्चे पांच साल कम उम्र के थे। सैनिटाइजर इस्तेमाल करने के पहले अपने हाथों को ठीक से पोछें। इसके बाद एक बूंद सैनिटाइजर को लेकर हाथों पर अच्छी तरह से रगड़ें। जब तक दोनों हाथ ठीक से सूख न जाएं कुछ भी खाने की चीज को हाथ नहीं लगाना चाहिए। हाथों को साफ करने का सबसे अच्छा विकल्प साबुन और पानी है, क्योंकि सैनिटाइजर का इस्तेमाल मामूली से बैक्टीरिया को भी सुपर बग में बदल रहा है जो कि शक्तिशाली ऐंटीबायोटिक के प्रति भी प्रतिरोधी हो गए हैं। इसलिए हम सभी को हमेशा अपने हाथों को खाना खाने के पहले एवं शौच के बाद साबुन पानी से अच्छी तरह से हाथों को रगड़ कर साफ कर लेना चाहिए ताकि हम सभी प्रकार की बीमारियों से आजीवन बचे रहें।




