शिवपुरी। करैरा तहसील के ग्राम सिरसौद में प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वे को लेकर ग्रामीणों ने सर्वेयर प्रीति लोधी और रोजगार सहायक दिनेश नागर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों ने कथित रूप से पैसे लेकर अपात्र लोगों के नाम आवास योजना की सूची में जोड़ दिए, जबकि जरूरतमंद और पात्र परिवारों के नाम सूची से बाहर कर दिए गए।
ग्रामीणों ने कलेक्टर की जनसुनवाई में आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि रोजगार सहायक दिनेश नागर ने अपने परिवार के करीब 8 से 10 लोगों के नाम भी सूची में शामिल कराकर उन्हें प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करा दिए।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम के आनंद विश्वकर्मा के नाम स्वीकृत होने वाला आवास कथित रूप से ग्राम पंचायत के पंच दिलीप विश्वकर्मा के नाम स्वीकृत करा दिया गया। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक जब उन्होंने मामले की शिकायत करने की बात कही तो संबंधित कर्मचारियों की ओर से कथित तौर पर कहा गया कि शिकायत जहां करनी हो कर दो, उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
ग्रामीणों का कहना है कि वे इस मामले में पहले भी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कलेक्टर से ग्राम सिरसौद में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों का दोबारा सर्वे कराने, पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने और सर्वेयर व रोजगार सहायक की भूमिका की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।







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