Press "Enter" to skip to content

सरकारी शिक्षकों की निजी कोचिंग पर शिकंजा, 11 शिक्षकों के खिलाफ शिकायत; डीईओ ने जारी किए सख्त निर्देश / Shivpuri News

शिवपुरी। जिले में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों द्वारा निजी कोचिंग संचालित करने और छात्रों पर कोचिंग लेने का दबाव बनाने के आरोपों ने शिक्षा विभाग में हलचल मचा दी है। क्षत्रिय फ्रीडम फाइटर ह्यूमन राइट्स एसोसिएशन के नीरज वर्मा ने कलेक्टर को शिकायत सौंपकर 11 सरकारी शिक्षकों पर नियमों के विरुद्ध कोचिंग चलाने तथा छात्रों के आर्थिक और मानसिक शोषण के आरोप लगाए हैं। शिकायत के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने पूरे जिले में सख्त निर्देश जारी किए हैं।

शिकायत में शहर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों और सीएम राइज स्कूलों में पदस्थ एल.डी. शर्मा, प्रदीप झा, कल्पना धाकड़, केशव शर्मा, देवेंद्र धाकड़, मनीष शर्मा, कृष्णकांत राठौर, विपिन पचौरी, गोविंद धाकड़, दीप ओझा और ददीवाल सर के नाम शामिल किए गए हैं। आरोप है कि ये शिक्षक नियमित शिक्षण कार्य के साथ निजी कोचिंग भी संचालित कर रहे हैं।

शिकायतकर्ता नीरज वर्मा का कहना है कि कुछ शिक्षक स्कूल में पूरा पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाते, जिससे छात्र निजी कोचिंग लेने के लिए मजबूर होते हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कोचिंग नहीं लेने या फीस नहीं देने वाले छात्रों को प्रैक्टिकल में कम अंक देने और वार्षिक परीक्षा में फेल करने की धमकी दी जाती है। वर्मा ने दावा किया है कि उनके पास इन आरोपों से संबंधित वीडियो और अन्य साक्ष्य भी मौजूद हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी आकाश सिंह यादव ने जिले के सभी बीईओ, बीआरसीसी और संकुल प्राचार्यों को निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के तहत कोई भी शासकीय शिक्षक नियमों के विरुद्ध ट्यूशन या अन्य व्यावसायिक गतिविधि में शामिल नहीं हो सकता।

डीईओ ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई शिक्षक निजी कोचिंग या अन्य प्रतिबंधित गतिविधि में लिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने तथा शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शिक्षा विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ सेवा नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »
More from ShivpuriMore posts in Shivpuri »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!