खनियाधाना। नगर परिषद खनियाधाना में गायत्री मंदिर के पास बनी दुकानों के टेंडर आवंटन को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। परिषद की पीआईसी बैठक में दुकानों की स्वीकृत दरें बाजार भाव से कम पाई जाने पर पूरी टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया। साथ ही करीब 30 लाख रुपये के भुगतान की वसूली के आदेश भी जारी किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, नगर परिषद द्वारा गायत्री मंदिर परिसर के नीचे दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है, जिनमें कई का काम अभी अधूरा है। पूर्व में तत्कालीन अध्यक्ष छाया सतेंद्र साहू द्वारा इन दुकानों की दरों को स्वीकृति दी गई थी। जब यह मामला परिषद के समक्ष पुष्टि के लिए आया, तो पार्षदों और अधिकारियों ने पाया कि तय दरें बाजार मूल्य के अनुरूप नहीं हैं। इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए परिषद ने तत्काल प्रभाव से टेंडर निरस्त कर दिया और नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया।
सबसे बड़ी कार्रवाई भुगतान को लेकर हुई है। नगर परिषद के सीएमओ आशुतोष त्रिपाठी ने बताया कि दुकानों के निर्माण और आवंटन के नाम पर लगभग 30 लाख रुपये का भुगतान परिषद की अनुमति के बिना कर दिया गया था। यह भुगतान तत्कालीन सीएमओ संतोष सोनी और तत्कालीन अध्यक्ष के कार्यकाल में हुआ।
परिषद ने प्रस्ताव पास कर पूरी राशि की रिकवरी संबंधित जिम्मेदारों से करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की जाएगी, जिसमें उपयंत्री नया एस्टीमेट तैयार करेंगे और लेखापाल से विस्तृत वित्तीय रिपोर्ट ली जाएगी।
सीएमओ के अनुसार, चूंकि यह पूरा आवंटन और भुगतान परिषद की पुष्टि के बिना किया गया था, इसलिए इसे शून्य माना जाएगा। अब नगर परिषद सरकारी खजाने को हुए नुकसान की भरपाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और पदाधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी में है।
इस फैसले के बाद स्पष्ट है कि तत्कालीन अध्यक्ष और सीएमओ पर गाज गिरना तय माना जा रहा है और मामले में आगे और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।








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