खनियांधाना शिवकांत सोनी :- कहते हैं कि अगर हौसलों में उड़ान हो और अपनों का साथ, तो कोई भी लक्ष्य नामुमकिन नहीं है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है खनियांधाना की होनहार बेटी स्मृति पांडेय ने। स्मृति ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 98.20% अंक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि मध्य प्रदेश की प्रावीण्य सूची (मेरिट लिस्ट) में 9वां स्थान हासिल कर पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।
सवा लाख की वो ‘ऐतिहासिक’ शर्त
स्मृति की इस सफलता के पीछे एक बेहद दिलचस्प कहानी है। परीक्षा से पहले स्मृति के ताऊजी, रिटायर्ड शिक्षक सुरेश देव पांडेय ने अपनी भतीजी का उत्साह बढ़ाने के लिए एक शर्त रखी थी। उन्होंने वादा किया था कि यदि स्मृति मेरिट में आती है, तो वह उसे सवा लाख रुपये का नकद इनाम देंगे। स्मृति ने इस वादे को महज हवा में नहीं लिया, बल्कि ताऊजी से बकायदा एक कागज पर लिखित इकरारनामा करवाया और उसे सुरक्षित रख लिया। आज परिणाम आने के बाद स्मृति ने वही लिखित सबूत दिखाकर अपना इनाम पक्का किया।
विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने वीडियो कॉल पर की बात
छात्रा की इस बड़ी उपलब्धि पर पिछोर-खनियांधाना विधानसभा क्रमांक 26 के लोकप्रिय विधायक श्री प्रीतम सिंह लोधी जी ने खुद पहल करते हुए वीडियो कॉल के जरिए कुमारी स्मृति पांडेय और उनके परिजनों से सीधी बात की।
संवाद के दौरान विधायक जी ने छात्रा को भरोसा दिलाया कि उनके द्वारा की गई घोषणाओं को जल्द ही हकीकत में बदला जाएगा। उन्होंने कहा कि स्मृति ने प्रदेश स्तर पर स्थान पाकर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। विधायक जी ने आश्वस्त किया कि स्मृति, उनके माता-पिता, विद्यालय और गुरुजनों को जल्द ही एक विशेष कार्यक्रम आयोजित कर सम्मानित किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने विधानसभा की अन्य मेधावी छात्राओं को भी इसी तरह प्रोत्साहन पुरस्कार देने का वादा किया।
गोल्ड मेडल और 25 लाख की बड़ी सौगात
वीडियो संदेश में विधायक लोधी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा: आज मैं बहुत प्रसन्न हूँ, हमारी बिटिया स्मृति पांडेय ने मध्य प्रदेश की टॉप-10 लिस्ट में जगह बनाकर हमारा नाम ऊंचा कर दिया है। जैसा कि मैंने पहले घोषणा की थी, मेरिट में आने वाले बच्चों को गोल्ड मेडल दिया जाएगा। मैं स्वयं बिटिया और उसके माता-पिता को गोल्ड मेडल पहनाकर सम्मानित करूँगा।
विधायक ने शिक्षा के क्षेत्र में विकास की प्रतिबद्धता जताते हुए घोषणा की कि मुख्यमंत्री के आगामी कार्यक्रम के दौरान स्मृति के स्कूल को 25 लाख रुपये की राशि विधायक निधि से प्रदान की जाएगी, ताकि स्कूल की व्यवस्थाएं और बेहतर हो सकें।
लक्ष्य: UPSC पास कर देश सेवा
शिक्षक राजेश देव पांडेय की सुपुत्री स्मृति अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के त्याग और शिक्षकों के मार्गदर्शन को देती हैं। स्मृति का सपना अब और भी बड़ा है; वह भविष्य में UPSC की परीक्षा उत्तीर्ण कर प्रशासनिक अधिकारी (IAS) बनना चाहती हैं।
विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने अंत में कहा कि उनका संकल्प पिछोर और खनियांधाना को शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में नंबर वन बनाना है और स्मृति जैसी बेटियां इस बदलाव की मिसाल हैं.







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