शिवपुरी: ग्वालियर के भितरवार स्थित सरवा गांव में तीन युवकों ने 27 साल के युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। गंभीर हालत में उसे ग्वालियर के जेएएच अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने सोमवार सुबह दम तोड़ दिया। शिवपुरी जिले के बरऊआ गांव का रहने वाला गवेन्द्र सिंह पाल अपनी बहन के घर आया था।
रविवार रात को वह पड़ोस में रहने वाली एक युवती से मिलने पहुंचा था। उसी दौरान युवती के तीन भाइयों ने उसे घेर लिया और लात-घूंसों से बुरी तरह पीटा। पिटाई से गवेन्द्र के पैर से लेकर पसलियां तक टूट गईं। उसे ग्वालियर लाया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है।
बहन की ससुराल जाने के लिए घर से निकला था
गवेन्द्र सिंह पाल शिवपुरी में एक निजी फर्म में काम करता था। उसकी बहन का ससुराल ग्वालियर के भितरवार स्थित सरवा गांव में है। यहां उसका बचपन से आना-जाना था। दो दिन पहले भी वह अपने घर से बहन के घर जाने के लिए निकला था।
रविवार रात को गवेन्द्र सिंह गंभीर हालत में बहन के ससुराल के पड़ोस में घर के बाहर पड़ा मिला। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और फौरन पुलिस को जानकारी दी। हालत गंभीर होने से भितरवार थाना प्रभारी अतुल सिंह सोलंकी ने उसे जयारोग्य अस्पताल पहुंचाया। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था।
युवती से अफेयर था, प्रेमिका के भाइयों ने पीटा
पुलिस ने बताया कि मृतक की बहन के ससुराल के पास गजेन्द्र बघेल, रतन और नरोत्तम उर्फ बंटी बघेल रहते हैं। उनकी बहन से गवेन्द्र का अफयेर चल रहा था। रविवार रात को वह अपनी प्रेमिका से मिलने पहुंचा था, तभी घर के लोग जाग गए। इसके बाद तीनों भाइयों गजेन्द्र बघेल, रतन व नरोत्तम बघेल उर्फ बंटी ने बंधक बनाकर उसे बेरहमी से पीटा।
भाई बोला- दो दिन पहले भी हुआ था विवाद
मृतक के भाई जहिंदर सिंह पाल ने बताया कि गवेन्द्र बघेल के परिवार ने रविवार रात उसे रास्ते में घेरकर पकड़ा और पीटते हुए घर के अंदर ले गए। वहां डंडे, लाल-घूसों से बेरहमी से पीटा। जब वह पिटते-पिटते बेहोश हो गया तो उसे घर के बाहर सड़क पर फेंक दिया। गवेंद्र के मोबाइल नंबर से ही डायल 100 को सूचना दी गई थी।
बेड नहीं मिला, जमीन पर पड़ा रहा घायल
गवेन्द्र के भाई जहिंदर और भांजे राहुल का कहना है कि, रात को जब गवेन्द्र को लेकर अस्पताल आए तो गंभीर हालत होने के बाद भी उसे बेड नहीं मिला। जब बेहोशी में उसकी हालत बिगड़ने लगी तो डॉक्टर आईसीयू में ले गए। गवेन्द्र की मौत बाहर ही हो गई थी। इलाज में लापरवाही भी बरती गई है।







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