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कोलारस सहकारी बैंक घोटाला: 5 करोड़ के गबन में 2 दोषियों को 5 साल और बहन-भाई को 3 साल की जेल / Shivpuri News

शिवपुरी के कोलारस सहकारी बैंक में हुए करोड़ों के गबन मामले में शनिवार को विशेष न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। बैंक के प्रभारी कैशियर और तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत चार दोषियों को 5-5 साल की सजा सुनाई गई है, जबकि तीन अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया।

अभियोजन के अनुसार, साल 2020-21 में कोलारस जिला सहकारी बैंक में करीब 5.5 करोड़ रुपए का गबन सामने आया था। तत्कालीन बैंक मैनेजर जर्नादन सिंह कुशवाह की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी समेत अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

दो को 5-5 साल और दो को 3-3 साल की सजा

विशेष न्यायालय ने सुनवाई के बाद प्रभारी कैशियर राकेश पाराशर और तत्कालीन शाखा प्रबंधक रमेश कुमार राजपूत को 5-5 साल की कैद और 10-10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा, पिंकी यादव और उसके भाई पवन यादव को 3-3 साल की कैद और 5-5 हजार रुपए का जुर्माना अदा करने का आदेश दिया गया।

तीन लोग बरी किया गया

इस मामले में सलीम, सुनील सेन और रवि रजक को भी आरोपी बनाया गया था, लेकिन पर्याप्त सबूत न मिलने पर कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया।

100 करोड़ से ज्यादा के घोटाले की आशंका

कोलारस बैंक घोटाले का यह मामला काफी चर्चित रहा है और इसमें कुल 100 करोड़ रुपए से अधिक का गबन होने की बात सामने आई है। अभी अन्य एफआईआर पर भी सुनवाई जारी है।

जिन मामलों में अभी फैसला नहीं आया है, उनमें तत्कालीन शाखा प्रबंधक ज्ञानेन्द्र शुक्ला, शिवम पाराशर, चंचल पाराशर, गगन पाराशर, मुकेश पाराशर, भावना कर्ण और रेनू शर्मा के खिलाफ भी कोर्ट में सुनवाई चल रही है। कोर्ट में जल्द ही अन्य आरोपियों के खिलाफ भी सुनवाई शुरू होने की संभावना है।

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