शिवपुरी के ग्राम मामौनीकलां में हनुमान मंदिर की स्थापना के भंडारे में बासी भोजन खाने से बीमार हुए सैकड़ों ग्रामीणों के स्टूल सैंपल की जांच रिपोर्ट में साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है। इससे भोजन में जहर मिलाए जाने की आशंका खारिज हो गई है।
घटना 1 फरवरी को हुई, जब हनुमान मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। पहले दिन आसपास के पांच गांवों के लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया था। भंडारे में बचे बासी भोजन को अगले दिन मामौनीकलां के करीब डेढ़ हजार लोगों ने खाया। रविवार-सोमवार की रात से लोगों की तबीयत बिगड़नी शुरू हुई और देखते ही देखते पांच सौ से अधिक ग्रामीण बीमार पड़ गए।
स्वास्थ्य विभाग को तीन दिन तक गांव में कैंप लगाना पड़ा। जांच में पता चला कि भंडारे में परोसी गई आलू की सब्जी में साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया पनप गया था। डॉक्टरों के अनुसार, इस बैक्टीरिया के संक्रमण के 6 घंटे से 6 दिन बाद खूनी दस्त, बुखार और पेट में ऐंठन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। अधिकतर मरीज 4-7 दिनों में बिना एंटीबायोटिक के ठीक हो जाते हैं, लेकिन गंभीर मामलों में अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है।
7 फरवरी को जिला अस्पताल से लगभग 100 मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि 49 मरीज अभी भी भर्ती हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम मरीजों की निगरानी कर रही है। मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। जिला अस्पताल में अभी भी 49 मरीजों का उपचार जारी है।
स्टूल सेम्पल की जांच रिपोर्ट आ गई है। ग्रामीणों की तबीयत साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया के कारण बिगड़ी है। इसके संक्रमण से उपचार के लिए करीब सात दिन तक लग जाते हैं। हमने जिला अस्पताल में भर्ती लगभग एक सैंकड़ा मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया है। अब 49 मरीज जिला अस्पताल में उपचाररत हैं। डिस्चार्ज मरीजों को गांव छुड़वा दिया है।
डाॅ. संजय ऋषिश्वर
शिवपुरी सीएमएचओ







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