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सट्टा कारोबारियों पर जल्द गिर सकती है पुलिस अधीक्षक की गाज

चंद दिनों में पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगणकर कर चुके हैं रिकॉर्ड तोड़ कार्रवाई
शिवपुरी। पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगणकर ने शिवपुरी की कमान संभालने के बाद जिस तरीके से पुलिस एक नई ऊर्जा के साथ कार्य कर रही है और एक बाद एक आपराधिक गतिविधियों पर जिस तरह से लगाम कसने में सफल रही है। विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो अब पुलिस अधीक्षक जल्द ही सट्टा कारोबारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने के मूड़ में हैं।
यहां बता दें कि शहर में इन दिनों सट्टे का अवैध कारोबार जोर शोर से चल रहा है। एक रुपए को अस्सी रुपया बनाने के चक्कर में खासकर युवा वर्ग अधिक बर्बाद हो रहे हैं। सट्टे के इस खेल को बढ़ावा देने सटोरी ग्राहकों को मुफ्त में स्कीम देखने सट्टे नंबर वाले चार्ट उपलब्ध करा रहे हैं। इसका गुणा भाग कर ग्राहक सट्टे की चपेट में बुरी तरह से फंस कर पैसा इस अवैध कारोबार में गंवा रहा है। शहर में कमलागंज, पुरानी शिवपुरी, नीलगर चौराहा, थाने के पीछे सहित अन्य स्थानों पर सट्टे लिखवाने वालों भीड़ देखी जा सकती है। खाईवाजों के चक्रव्यूह में लोग इस कदर फंस चुके हैं कि इससे उभर नहींं पा रहे हैं। शहर में एक दो नही बल्कि कई खाईवाज लंबे समय से सट्टा संचालित कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो यह अवैध कारोबार शहर में अपनी चरम सीमा पर है। खाईवाजों में भी अपना-अपना जोन बंटा हुआ है। एक दूसरे के जोन में कोई दखल नहीं देता है। अभी तक देखने में आया है कि पुलिस हर महीने सटोरियों के गुर्गों के खिलाफ कार्रवाई करती है, लेकिन पुख्ता सूचना के अभाव में असली खाईवाजों तक नहीं पहुंच पाती। पुलिस अधीक्षक द्वारा जिस तरह से पदभार ग्रहण करने के बाद एक के बाद एक ताबड़तोड़ कार्रवाईयां की जा रही हैं उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह दिन दूर नहीं जब यह बड़े सटोरिया पुलिस के चंगुल में हों। यहां बता दें कि 1 रुपए के बदले 80 रुपए का यह लालच जहां कई परिवारों को तबाही के कगार पर पहुंच चुके हैं, वहीं इस धंधे से जुड़े कई लोग चंद समय में फर्श से अर्श पर पहुंच गए। खास बात यह है कि शहर में सट्टा खेलने वाला शायद ही कोई पैसे वाला बन पाया, लेकिन इसे खिलाने वाले दर्जनों ऐसे हैं, जो आलीशान कोठियों के मालिक हैं।

शहर में हर रोज लगता है लाखों का सट्टा

शहर में हर रोज लाखों रुपए का सट्टा खेला जा रहा है। जिसमें नौकरीपेशा से लेकर स्टूडेंट व महिलाएं भी नंबर की जोडिय़ों में उलझे नजर आते हैं। देश को डिजीटल इंडिया बनाने के लिए विभिन्न शासकीय विभागों में भले ही अभी कवायद चल रही हो, लेकिन सट्टा कारोबार कंप्यूटराइज्ड हो गया। अब पर्ची काटने के अलावा ऑनलाइन बुकिंग के साथ ही खुलने वाले नंबर की जानकारी भी मोबाइल पर दी जा रही है। 

इनका कहना है

सट्टा एवं स्मैक कारोबारियों के खिलाफ जानकारियां एकत्रित की जा रही है, पुख्ता सूचना मिलने पर जल्द ही सटोरियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राजेश हिंगणकर
पुलिस अधीक्षक शिवपुरी
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