
शिवपुरी। शिवपुरी जिले की जनपद पंचायत नरवर के 48 वर्षीय प्रगतिशील कृषक घनश्याम कुशवाह जैविक खाद एवं जैविक उत्पाद विक्रय के लिए जिले में ही नहीं बल्कि आस-पास के जिलों में भी पहचाने जाते है। घनश्याम ताजी जैविक सब्जियों को शिवपुरी, डबरा एवं टेकनपुर में स्वयं एवं अन्य सहयोगी विक्रेताओं के माध्यम से बेचते है, जिन्हे ग्राहक हाथो-हाथ ही खरीद लेते है और दाम भी अच्छे मिलते है।
घनश्याम का कहना है कि रसायनिक उर्वरकों से पैदा की गई फसल की अपेक्षा जैविक खाद से ली गई कृषि उत्पादों के प्रति लोगों का रूझान तेजी से बढ़ रहा है, इनका शरीर पर दुष्परिणाम नही होता है। इन उत्पादों के दुगने दाम भी मिलते है। घनश्याम के पास मात्र तीन हेक्टेयर कृषि भूमि है एवं 14 पशुधन(गाय) के माध्यम से जैविक कृषि की ओर बढ़ रहे है। वे जैविक खेती अपनाकर खरीफ में धान, मूंगफली, अरहर तथा रवी में गेहूं, सरसों, चना के साथ-साथ टमाटर, मूली, पालक, पत्तागोभी, सेम, ककड़ी, खीरा, तोरई, बेगन तथा भिण्डी आदि के साथ-साथ गर्मी की मूंग जैविक खेती से कर अच्छा उत्पादन ले रहे है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना से 50 प्रतिशत अनुदान पर 1200 वर्ग फुट में वर्मी कम्पोस्ट इकाई बनाने हेतु विधिवत रूप से कृषि विज्ञान केन्द्र शिवपुरी के माध्यम से कौशल विकास योजना के अंतर्गत केचुआ पालन एवं केचुआ खाद्य का 90 घण्टे का प्रशिक्षण प्राप्त कर आज जैविक खाद से उत्पादन ले रहे है।

जैविक खेती पर प्रतिवर्ष लगभग 1 लाख रूपए की कृषि उत्पादन लागत से 04 लाख रूपए का लाभ प्राप्त कर तीन लाख रूपए का सीधा मुनाफा लिया है। इसके साथ ही वर्मी कम्पोस्ट युनिट में 50 हजार रूपए की लागत लगाकर 02 से ढाई लाख रूपए का शुद्ध मुनाफा कमाया है। उन्होंने बताया कि फसल एवं सब्जियों के उत्पादन में वर्मी कम्पोस्ट, वर्मीवास तथा पौध संरक्षण के लिए नीम का तेल एवं अन्य जैविक सामग्री जैसे वेस्ट डीकपोजर आदि का उपयोग करते है। धनश्याम कहते है कि कृषक रसायनिक खाद के स्थान पर जैविक खाद का उपयोग कर अधिक उत्पादन ले सकते है। इस संबंध में कोई भी कृषक भाई उनके मोबाइल नम्बर 9752370436 पर संपर्क कर सकता है।










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