
शिवपुरी। गले में रस्सी के कसने के कारण हुई मौत को फांसी कहा जाता है। प्राचीन काल में अपराधियों को दण्ड देने के लिये फांसी की सजा दी जाती थी और वर्तमान में भी जघन्य अपराधों के दण्ड हेतु यह प्रथा प्रचलन में है, लेकिन आजकल तो सजा से कम खुद फांसी के फंदे पर झूलते ज्यादा नजर आते हैं। बढ़ती आत्महत्या की घटनाओं का प्रमुख कारण अधिकतर घरेलू हिंसा या फिर अवसाद सामने आता है। ऐसा ही मामला जिले में देखने को मिला है जहां अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक युवती व दो महिलाओं ने फांसी लगाकर अपनी जिंदगी को त्याग दिया है।
केस-1, पति और बच्चों के साथ सोते से उठकर महिला ने लगाई फांसी
कोलारस थाना क्षेत्र के ग्राम लुकवासा में रहने वाली कृष्णा जाटव पत्नी संजीव जाटव मंगलवार की रात अपने बच्चों व पति के साथ रात में खाना खाकर सो गई थी। सुबह जब महिला का पति जागा तो देखा कि पत्नी घर में नहीं दिख रही, जिस पर उसने घर में तलाश किया तो दूसरे कमरे में महिला का शव फांसी के फंदे पर झूल रहा था। घटना की जानकारी महिला के पति ने पुलिस को दी, जहां सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और घटना स्थल का मुआयना किया। पुलिस ने शव फंदे से उतरवाया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
केस-2, पिछोर में महिला फांसी के फंदे पर झूली
पिछोर थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम भितरगंवा में रहने वाली 21 वर्षीय सपना पत्नी सोनू लोधी ने कल अपने घर पर ही फांसी के फंदे पर झूलकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना प्राप्त कर दी है।
केस-3, युवती ने टपरिया में लगाई फांसी
पोहरी थाना क्षेत्र के ग्राम बीलवराखुर्द में रहने वाली 18 वर्षीय सुनीता पुत्री पप्पू आदिवासी ने अपनी टपरिया में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना मंगलवार-बुधवार की रात्रि की है।
तीनों ही मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि मृतिकाओं ने किन कारणों के चलते यह कदम उठाया है।






