शिवपुरी ।निजी टेंकर संचालक मानवता को इतर रखकर जनता की मजबूरी का भरपूर फायदा उठाने के लालच में प्रशासन पर ही आंखे तरेर रहे है हड़ताल की धमकी देकर जनता को खुले आम ब्लैकमैल करना चाहते है पूरे मामले में प्रशासन की भी कुछ कमी है प्रशासन यदि चाहे तो यही टेंकर संचालक घुटनो पर बैठने को मजबूर कर सकता है । क्योंकि शिवपुरी शहर में जितने भी पानी के निजी टेंकर चल रहे है उनमें से 98 प्रतिशत ट्रेक्टर कृषि कार्य प्रयोजन में पंजीकृत है कृषि कार्य में ट्रेक्टर पंजीयन कराने पर सरकार ट्रेक्टर पर लगने वाले मोटरयान कर में पूर्णता छूट प्रदान करती है लेकिन उसमें शर्त यह रहती है कि ट्रेक्टर का उपयोग सिर्फ कृषि हेतु किया जाएगा उसका व्यावसायिक उपयोग वर्जित होगा । ओर ट्रेक्टर के पीछे लगने वाला टेंकर भी आरटीओ कार्यालय में पंजीकृत होना चाहिए उस पर भी अलग से वाहन नंबर जारी होगा जो सिर्फ टेंकर का होगा और टेंकर पर वह नंबर लिखा होना चाहिए । शिवपुरी जिले में ऐसा कोई पानी का टेंकर नही है जिस पर उसका नंबर लिखा हो । नियम कायदों कानूनों को धता बता कर लाखो रुपये की सरकारी टैक्स चोरी करने के बाद भी निजी टेंकर संचालक प्रशासन को ही आंखे दिखा रहे है आखिर इतना कमजोर प्रशासन क्यों है ? कहीं ये सब मिली जुली व्यवस्था तो नही है ! नही तो कही का भी प्रशासन इस तरह होने वाली टैक्स चोरी पर आंखे बंद करके इनकी मनमानी नही देखता






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