डीएड-बीएड कर चुके युवक-युवतियाें ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा
शिवपुरी। प्रदेश भर में 21 दिसंबर को होने वाली उच्चतर माध्यमिक और माध्यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा पर की तारीख आगे बढ़ाए जाने से युवक-युवतियां नाराज हैं। परीक्षा की अगली तारीख घोषित नहीं होने से हताश आवेदक शुक्रवार को एकजुट होकर कलेक्टोरेट पहुंच गए। यहां मुख्यमंत्री के नाम प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है। जिसमें परीक्षा की तारीख आगे नहीं बढ़ाने की स्थिति में नई सरकार के खिलाफ आमरण अनशन की चेतावनी दी है।
जानकारी के अनुसार चुनाव परिणाम के साथ सत्ता में आने के बाद कांग्रेस सरकार ने 21 दिसंबर को होने वाली शिक्षक भर्ती परीक्षा स्थगित कर दी। परीक्षा की अगली तारीख अभी तक जारी नहीं की। जिससे नाराज होकर आवेदन करने वाले युवक-युवतियां एकजुट होकर कलेक्टोरेट पहुंच गए। डीएड व बीएड कर चुके युवाओं का कहना है कि साल 2011 के बाद करीब सात साल बाद शिक्षक भर्ती परीक्षा होने जा रही थी। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की अनेक पद खाली हैं जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उच्च माध्यमिक के लिए 2 लाख 20 हजार और माध्यमिक के लिए 4 लाख 50 हजार परीक्षा फार्म एमपीईबी के माध्यम से भरे जा चुुके हैं। 21 दिसंबर को अचानक परीक्षा को बिना अगली तारीख के आगे बढ़ा दिया है। प्रदेश के 7-8 लाख बेरोजगार युवा डीएड व बीएड योग्यता हासिल कर इस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। सरकार जल्द ही परीक्षा की तारीख 15 जनवरी तक घोषित नहीं करती है और 1 महीने के अंदर परीक्षा नहीं कराती है तो सभी युवक-युवतियां सरकार के खिलाफ आमरण अनशन शुरू कर देंगे।






Be First to Comment