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सांसद सिंधिया के स्वागत में दिखा करैरा विधायक खटीक का विरोध, कार्यकर्ताओं ने कर डाली टिकिट बदलने की मांग

दिनारा। विवादों में रहने वाली कांग्रेस से करैरा विधायक श्रीमती शकुंतला खटीक का विरोध कांग्रेसियों में साफ नजर आ रहा है। विरोध का यह सिलसिला कल पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के कल दिनारा में स्वागत के समय दिखाई दिया। स्वागत के दौरान कांग्रेसियों के दो टेंट लगे हुए थे एक टेंट में विधायक खटीक का विरोधी खेमा था जबकि दूसरा टेंट विधायक खटीक का था। सूत्रों की मानें तो विधायक खटीक द्वारा दूसरे खेमे को अपने पाले में करने की कोशिश भी की गई, लेकिन वह इसमें सफल नहीं रही। बताया जा रहा है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने श्री सिंधिया से विधायक खटीक के टिकिट बदलने की भी मांग कर डाली।

जानकारी के अनुसार श्री सिंधिया दिनारा से होकर शिवपुरी कार्यक्रमों में भाग लेने जा जा रहे थे तो दिनारा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मात्र 10 कदम की दूरी पर अलग अलग टेंट लगाकर स्वागत करना चाहा, लेकिन समय कम होने के चलते श्री सिंधिया गाड़ी से नीचे नहीं उतरे और कार्यकर्ताओं ने गाड़ी में माला पहनाकर श्री सिंधिया का स्वागत किया। कार्यकर्ताओं द्वारा अलग-अलग टेंट लगाना  चर्चा का विषय अवश्य बना रहा। कांग्रेस कार्यकर्ता सुमित नीखरा मोनू ने बताया कि हमारा कार्यक्रम पहले से ही तैयार किया जा चुका था इसके बाद विधायक गु्रप द्वारा अलग से टेंट लगा लिया गया हमने सोचा चलो ठीक है पर उन्होंने हमारी तरफ पर्दा लगा रखा था जिससे कार्यकर्ता भड़क गए और हमारे साथ सभी कार्यकर्ताओ ने श्रीमंत से टिकिट बदलने की मांग की।

दूसरे गुट में अधिक भीड़ देख कार्यकर्ताओं को मनाने पहुंची विधायक 

दूसरे पांडाल में स्थानीय विधायक गुट से अधिक भीड़ थी जिसे देख विधायक श्रीमती शकुंतला खटीक दूसरे पंडाल में पहुंचकर कार्यकर्ताओं को मनाने पहुची, लेकिन स्थानीय विधायक का विरोध इस कदर था कि दूसरे पंडाल में मौजूद कार्यकर्ताओं ने विधायक की एक भी न सुनी।

मंडल अध्यक्ष बदलना भी विरोध का कारण

सूत्रों की मानें तो स्थानीय विधायक का विरोध मंडल अध्यक्ष बदलने के कारण और अधिक बढ़ गया क्योंकि पहले जो मंडल अध्यक्ष थे वो कांग्रेस के कार्यकर्ता मात्र थे विधायक के नजदीक नहीं माने जाते और इनके मौजूदगी में जिला पर्वेक्षक को विधायक का टिकिट बदलने की मांग की गई थी जिससे तुरंत बाद मंडल अध्यक्ष बदल दिए गए और जो नए मंडल बनाये गए वो विधायक के खास माने जा रहे हैं।


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