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पुलिस हिरासत में हुई मौत पर आयोग ने स्वीकृत किया दो लाख रूपए की क्षतिपूर्ति

मामला खनियांधाना थाने में पुलिस अभिरक्षा में हुई मृत्यु

शिवपुरी। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने शिवपुरी जिले के खनियांधाना थाने के पुलिस लॉकअप में बंदी राजकुमार उर्फ कमल बंशकार की मृत्यु के मामले में दो लाख रूपए की क्षतिपूर्ति राशि देने के आदेश दिए हैं। वहीं इस मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी खनियांधाना एवं आरक्षक को मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग ने धारा 16 का नोटिस देकर तलब किया है।
बताना मुनाशिव होगा कि दिनांक 4.12.17 को शिवपुरी जिले के खनियांधाना थाने के लॉकअप में पुलिस हिरासत में राजकुमार उर्फ कमल बंशकार की मृत्यु हो गई थी। तत्समय सभी समाचार पत्रों के द्वारा इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। और म.प्र मानव अधिकार आयोग के जिला संयोजक आलोक एम इंदौरिया ने तत्काल ही मामले को माननीय आयोग को अखबारों की कटिंग और अपने पत्र को फैक्स के द्वारा भेजकर माननीय आयोग को सारे मामले से अवगत कराया। माननीय आयोग ने  मामले को संज्ञान में लेकर जांच प्रारंभ की। इसीक्रम में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के द्वारा बंदी मृतक राजकुमार के परिजनों को छतिपूर्ति के रूप में 2 लाख रूपए की सहायता देंने हेतु म.प्र. शासन को निर्देशित किया है और मध्य प्रदेश शासन ने उसकी स्वीकृति प्रदान कर दी है। इधर साथ ही म.प्र. मानव अधिकार आयोग के द्वारा 25.5.18 को जारी धारा 16 के नोटिस के तहत बंदी राजकुमार उर्फ कमल बंशकार की खनियांधाना के लॉकअप में पुलिस अभिरक्षा के दौरान उस पर शतत निगरानी के कार्य में उपेक्षा प्रकट करने के कारण प्रथम दृष्टया दोषी पाया है। अत: माननीय आयोग ने तत्कालीन थाना प्रभारी एवं आरक्षक को 22 जून 18 को माननीयय आयोग के समक्ष प्रस्तुत होकर अपना-अपना स्पष्टीकरण देने हेतु आदेशित किया है।

इनका कहना है

इस संदर्भ में शासन का पत्र हमें प्राप्त हो गया है और आदेश के पालन में समुचित कार्यवाही हमारी ओर प्रचलन में है। शासन के आदेश का पालन सुनिश्चित किया जावेगा। 

कमल मौर्य 
अति. पुलिस अधीक्षक 
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