कांग्रेस नेता के संसदीय क्षेत्र में प्रभावी नहीं दिखा बंद
शिवपुरी। शिवपुरी जिले में सोमवार को कांग्रेस द्वारा पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमतों के विरोध में भारत बंद का कोई प्रभावी असर नहीं देखा गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के संसदीय क्षेत्र शिवपुरी और उसके आसपास भारत बंद का प्रभावी असर न दिखने पर इसे कांग्रेसी का आपसी फूट के तौर पर भी देखा जा रहा है। शिवपुरी शहर में कई इलाकों में दुकाने खुली रहीं। इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में सवर्ण समाज के लोगों ने कांग्रेस नेताओं को विरोध में काली पट्टी भी दिखाई। स्कूल कॉलेज खुले रहे। साथ ही सोमवार को कुछ कांग्रेसी नेता भी अपने दुकाने व प्रतिष्ठान खोले नजर आए।
सवर्ण समाज ने काली पट्टी दिखाकर जताया विरोध
शिवपुरी शहर में सुबह 11 बजे के समय माधव चौक चौराहे पर मुख्य दुकाने बंद रहीं लेकिन दूसरे इलाकों में बाजार खुले रहे। सुबह कांग्रेसियों ने विरोध जताते हुए रैली निकाल नारेबाजी की और दुकाने बंद कराने का प्रयास किया लेकिन वहीं सवर्ण समाज के लोग जो एससीएसटी एक्ट में किए गए बदलाव का विरोध कर रहे हैं उनके द्वारा कांग्रेस द्वारा बुलाए गए बंद का विरोध किया गया। कांग्रेसियों को इन सवर्ण समाज के लोगों ने काली पट्टी दिखाई। पुरानी शिवपुरी में तो सवर्ण समाज के लोगों ने अपनी दुकाने खोली रखीं और दुकाने पर काले रिबन टांग कर कांग्रेसियों का विरोध किया।
बंद कराने वाहनों पर निकले कांग्रेसी
बंद के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष बैजनाथ सिंह यादव, पूर्व विधायक गणेश गौतम, पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष राकेश गुप्ता, प्रदेश महामंत्री हरवीर रघुवंशी, विजय शर्मा सहित कई कांग्रेसी सुबह के वक्त दुकाने बंद कराने के लिए दोपहिया वाहनों से निकले। इस दौरान माधव चौक, गांधी पार्क, टेकरी, सदर बाजार में इन कांग्रेसी नेताओं ने बाजार बंद कराया लेकिन दूसरी ओर पुरानी शिवपुरी, फतेहपुर, झांसी तिराहा आदि स्थानों पर बाजार खुले रहे। जिला मुख्यालय के अलावा कोलारस, बदरवास, पिछोर, पोहरी, नरवर, खनियांधाना आदि स्थानों पर भी बंद का मिलाजुला असर देखा गया। कोलारस में यहां कांग्रेस नेताओं को समन समाज के लोगों ने काले झंडे दिखाए और बंद का विरोध जताया। कोलारस व बदरवास में तो कुछ कांग्रेसी ही अपनी दुकाने खोले नजर आए। यह बात सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय भी बनी।






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