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मैं चाहे ये करूं, मैं चाहे वो करूं…! शहरभर में पानी और पक्की सड़कों का अंतहीन इंतजार, नपाध्यक्ष ने अपनी कॉलोनी में पेयजल लाइन व सड़कों का बिछा दिया जाल

शिवपुरी। शहर में करीब 6 साल पहले सीवर का कार्य पॉश कालोनियों से लेकर अन्य बस्तियों में शुरू हुआ समय के साथ प्रमुख मार्ग तो बन गए, लेकिन अधिकांश कालोनियों में 6 साल बाद भी सड़कें नहीं
बिछाई जा सकीं। तर्क दिया गया कि मड़ीख़ेडा पेयजल की सर्विस लाइन बिछने के बाद ही कॉलोनियों की सड़क पर फोकस किया जाएगा, लेकिन यह तथाकथित मापदंड तो शहर की अन्य बस्तियों के लिए था। भाग्यशाली रहे गौतम बिहार कॉलोनी की बाशिंदे, जिनका घर शहर के प्रथम नागरिक के घर के समीप है। यही कारण रहा कि गांधी पार्क टंकी से मडीखेडा योजना की सर्विस लाइन सबसे पहले इस कॉलोनी तक
बिछा दी गई। हैरानी देखिए कि अभी स्वीक्रत 217 किमी सर्विस लाइन की ड्राइंग पास नहीं हुई है और नपाध्यक्ष खुद यह बात स्वीकार रहे हैं। बावजूद इसके गौतम बिहार में यह नियम ताक पर रखा नजर आया और यहां लाइन बिछाने के साथ ही हर छोटी बड़ी गली से लेकर प्रमुख सड़क पर सीसी भी कर दी गई। नपा अध्यक्ष का

कॉलोनी प्रेम शहर में चर्चा का विषय बन गया है तो वहीं उन लोगों में बेहद
नाराजगी है, जिन्होंने उन्हें पूरे शहर का प्रथम नागरिक चुना है।

महीने भर में पहुंचा दी कॉलोनी तक लाइन
शहर में मड़ीखेड़ा योजना की पेयजल लाइन करीब 217 किमी बिछाई जानी है और यह
कार्य काफी समय से लंबित था, लेकिन जब इसकी शुरूआत हुई तो यहां भी
नपाध्यक्ष का कॉलोनी प्रेम हावी नजर आया। साल भर गंभीर पेयजल संकट से जूझने
वाले वार्डों को दरकिनार कर गांधी पार्क स्थित ओवरहेड टैंक से करीब डेढ़
किमी दूर गौतम बिहार कॉलोनी तक 3 किमी क्षेत्र में लाइन बिछाने का काम
महीने भर में पूरा कर दिया गया। आज यहां हर गली तक मड़ीखेड़ा की लाइन बिछ
चुकी है। ऐसे में शहर के अन्य वारडों में गर्मी के मौसम में सिंध का पानी
पहुंचे या न पहुंचे यह तो कहना फिलहाल मुशकिल हैं, लेकिन नपाध्यक्ष के
वार्ड के वाशिंदों और उनके घर तक जरूर सिंध का पानी हर हाल में पहुंच
जाएगा।

मुख्य रास्ते तो छोड़िए 200 मीटर की गलियों में भी डल गई रोड
जैसे
ही पेयजल लाइन बिछाने का काम पूरा हुआ आनन फानन में नपाध्यक्ष के रिहायशी
क्षेत्र जहां उन्हें हर दिन गुजरना पडता है वहां सड़कों का जाल बिछाना शुरू
कर दिया गया है। सर्किट हाउस रोड से गौतम बिहार तक प्रमुख सड़क सीसी कर दी
गई है यह जरूरी भी था, क्योंकि यह प्रमुख रास्ता है, लेकिन हैरानी देखिए कि
इस सड़क से कई छोटी गलियां जुड़ी हुई हैं, जिनकी लंबाई 200 से 500 मीटर तक
है इन सभी को भी सीसी कर दिया गया है।

5 साल पहले खुदी इन का़लोनियों की सड़कें पर यहां नहीं रहते नपाध्यक्ष
लोगों
में नाराजगी इस बात को लेकर नहीं हैं कि शहर के ही हिस्से गौतम बिहार में
पेयजल लाइन और सीसी सड़कें क्यों डाली गईं, बल्कि नाराजगी इस बात को लेकर
ज्यादा है कि शहर की तमाम अन्य बस्तियां ऐसी हैं, जहां सबसे शुरूआती चरण
में सीवर का कार्य शुरू हुआ था, लेकिन यहां न तो आज तक पेयजल की लाइन डाली
गई और न ही सड़कों की बारी आई। शहर की पॉश कॉलोनियों में शुमार गांधी कॉलोनी
की एक भी सड़क का निर्माण सीवर खुदाई के पांच साल बाद भी नहीं किया गया है
तो यही हाल विवेकानंद कॉलोनी का है। यहां गलियों से लेकर प्रमुख सड़कें
बदहाल पड़ी हुई हैं। इसके अलावा सुभाष कॉलोनी, कृष्णपुरम कॉलोनी, माधव बिहार
कॉलोनी, हाथी खाना, पटेल नगर, प्रियदर्शनी कॉलोनी में भी यही स्थिति बनी
हुई है।

परिषद का एक साल बाकी
15 साल बाद सत्ता में आई कांग्रेस के आला नेता जनता के इस विश्वास को समझ रहे हैं।
सांसद सिंधिया स्पष्ट कह चुके हैं कि शहर में विकास कार्यों और पेयजल व
सीवर कार्य को गति दी जाए और वे इसकी टाइम लिमिट भी तय कर चुके हैं। इसके
बाद काम में तेजी भी आई है, लेकिन नपाध्यक्ष ने जनता से पहले अपने इलाके की
सुध् ली, जिससे जनता में नाराजगी है। इसके पीछे बड़ा कारण यह है कि वर्तमान
नगर पालिका में सत्तासीन कांग्रेस का कार्यकाल साल भर बाद पूरा होना है।
ऐसे में नपा में बैठे कांग्रेस के जनप्रतिनिधियो को शहर भर का समग्र विकास
तेजी से करना होगा और वह भी बिना भेदभाव के यदि जनता की नाराजगी व सड़क व
पानी का इंतजार समय रहते खत्म नहीं हुआ तो पार्टी की दुश्वारियां बढ सकती
हैं।


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