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निपाह वायरस बीमारी से बचाव हेतु बरतें सावधानियां

शिवपुरी-निपाह वायरस बीमारी एक संक्रामक एवं उभरती हुई जूनोटिक बीमारी है। चमगादड़ इस बीमारी का नेचरल रिर्जव्वायर है। इस बीमारी में व्यक्ति को तेज बुखार के साथ, सिरदर्द एवं बदन में दर्द होना, खासी उठना, सांस लेने में तखलीफ होना और बेचेनी, सुस्ती, बेहोशी के मुख्य लक्षण देखने को मिलते है। बीमारी के उपचार एवं जांच हेतु व्यक्ति नजदीक के स्वास्थ्य केन्द्र से संपर्क करें। 
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एम.एस.सगर ने जनसामान्य अपील की है कि निपाह वायरस बीमारी से बचाव हेतु आवश्यक सावधानियां बरतें। चमगादड़ों के द्वारा खाए हुए अपशिष्ठ फलों का सेवन न करें, बड़ी चमगादड़ों एवं सूअर के संपर्क से बचे। संभावित निपाह वायरस से पीडि़त व्यक्ति के संपर्क में न आए। जांच एवं नमूने को भेजने के लिए नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य संस्था से संपर्क करें। वर्तमान में उक्त बीमार की जांच की सुविधा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोजॉजि पुणें में उपलब्ध है। बीमारी के लक्षण होने पर जांच हेतु 4 दिन के अंदर नमूने भेजें जाए। जांच के लिए नमूने थ्रोट, स्वाब, पेशाब, रक्त और सीएसएफ से लिए जाते है। जिला स्तर पर संबंधित मरीज जिला महामारी नियंत्रण अधिकारी लालजू शाक्य से 8770623450 पर अवश्य संपर्क करें।
उल्लेखनीय है कि यह बीमारी सितम्बर 1998 से मई 1999 में मलेशिया और सिंगापुर में पाई गई थी। भारत में 2001 और 2007 के दौरान पश्चिम बंगाल, पड़ोसी देश बांग्लादेश में कुछ प्रकरण दर्ज किए गए थे। 
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