अस्पताल में नहीं है एक भी मेडीकल विशेषज्ञ

स्वास्थ्य मंत्री के प्रभार वाला है शिवपुरी अस्पताल
शिवपुरी। भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में शिवपुरी जिले का अस्पताल जो प्रदेश के नंबर 1 अस्पताल का तमगा हासिल कर चुका है, के हालात बेहद खराब हैं। डेढ़ साल से अस्पताल में आईसीयू पर ताला लटका हुआ है, वहीं अस्पताल में एक भी मेडीकल विशेषज्ञ नहीं है। यदि कोई भी व्यक्ति खांसी, जुकाम, बुखार से पीडि़त होता तो वह ग्वालियर या फिर झांसी जाने के लिए मजबूर होता है। इसके अलावा जिला अस्पताल में कोई भी मरीज अगर थोड़ा सा भी सीरियस हालत में पहुंचता तो डॉक्टर्स द्वारा उसे ग्वालियर रैफर कर दिया जाता है चाहे वह रैफर करने लायक नहीं भी हो। खासबात यह है कि जिले के प्रभारी मंत्री रुस्तम सिंह प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री हैं, लेकिन इसके बावजूद भी वह अपने प्रभार वाले जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बहाल रखने में सफल नहीं हो पाएं हैं। अब इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश में नंबर 1 की रेंक हासिल कर चुके अस्पताल के यह हालात हैं तो फिर प्रदेश के अन्य अस्पतालों की क्या स्थिति होगी इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। खासबात यह है कि पिछले तीन माह में प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान कोलारस उपचुनाव को लेकर कोलारस क्षेत्र में आठ से दस दौरा कर चुके हैं, वहीं प्रदेश सरकार की केबिनेट के एक दर्जन से अधिक मंत्री क्षेत्र में डटे हुए हैं। इसके बाद भी अस्पताल की व्यवस्थाएं में कोई सुधार नहीं आया है।
विकास के नाम पर मांगे जा रहे वोट
कोलारस उपचुनाव की बात करें तो मुख्यमंत्री सहित केन्द्रीय मंत्री, केबिनेट मंत्री सहित भाजपा के राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तरीय नेताओं द्वारा विकास के नाम पर वोट मांगे जा रहे हैं। कई मंत्रियों द्वारा तो शिवपुरी के विकास कार्यों का उदाहरण देकर वोट मांगे जा रहे हैं, लेकिन यहां बता दें कि शिवपुरी की जनता को स्वास्थ्य सेवाएं तक ठीक से उपलब्ध नहीं हो रही है तो अन्य सुविधाओं के बारे में क्या कहें। यहां बता दें कि मुख्यमंत्री तो अपनी एक सभा में यह कह चुके हैं कि यदि इतने विकास के बाद भी नहीं जिताया तो भरोसा उठ जाएगा।
रोज हो रहे नए-नए वादे, क्या कर पाएंगे पूरे?
कोलारस उपचुनाव को लेकर भाजपा द्वारा जनता से नए-नए वादे किए जा रहे हैं और पाँच माह का समय माँगा जा रहा है। अब यहां सोचनीय पहलू यह है कि प्रदेश में भाजपा की सरकार लगातार तीसरी बार है और कोलारस में रामसिंह यादव से पूर्व भाजपा के ही देवेन्द्र जैन विधायक के रूप में रह चुके हैं और तब भी भाजपा की सरकार थी। वर्तमान में तो केन्द्र एवं राज्य दोनों ही भाजपा की सरकार है इसके बावजूद भी जिले में व्यवस्थाएं गड़बड़ाई हुई हैं।
अस्पताल में लापरवाही के कई मामले आ चुके हैं सामने
मई 2017 में अस्पताल में नवजात बच्ची की अंगुलियां को चूहा खाने का मामला सामने आया था। कई मरीजों के अटेंडरों द्वारा डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर चुके हैं, वहीं सुरक्षा एजेंसी के टेंडर में भी गड़बड़ी का मामला सामने आया था इसके बाद उक्त टेंडर को निरस्त कर दिया गया। अस्पताल में चोरियों के मामले भी सामने आ चुके हैं। कुल मिलाकर इन दिनों अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई हुई हैं।
जनता के सवाल ?
-शिवपुरी के नंबर 1 पर रह चुके अस्पताल का यह हाल तो अन्य का क्या होगा?
-जब खांसी, जुकाम के लिए शिवपुरी में डॉक्टर नहीं है तो हार्डअटैक, थैलीसीमिया जैसी गंभीर बीमारियों के लिए कहां जाएगी जनता?
-विकास के नाम पर बड़ी-बड़ी बिल्डिंग थान दी गई, लेकिन इनमें जनता को समुचित इलाज कब मिलेगा?
-शिवपुरी में डेढ वर्ष पूर्व प्रभारी मंत्री ने एक घंटे में आईसीयू का ताला खुलवाने की बात कही, वह एक घंटा कब होगा?
-कब आएंगे शिवपुरी के जिला चिकित्सालय में विशेषज्ञ डॉक्टर
-कब मिलेंगे शिवपुरी को एम्बुलेंस की सही सेवाएं
-कब बंद होगा शिवपुरी से ग्वालियर मरीजों का रैफर होना
क्या कहते हैं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि
-जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाएं चरमरा चुकी हैं, व्यवस्थाएं सुधरना जरूरी है जिससे लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। लोगों को इलाज के लिए ग्वालियर जाना पड़ रहा है जबकि हमारे अस्पताल में भी बड़ी-बड़ी मशीनें है और यह सुविधाएं उपलब्ध हो सकती है, लेकिन मशीनें बंद पड़ी हैं।
रोटरी क्लब शिवपुरी
-अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। इस समय अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमराई हुई हैं। विशेषज्ञों के इच्छुक अवकाश लेने के बाद से डॉक्टरों की कमी अभी तक पूरी नहीं हो सकी है जिसका खामियाजा शिवपुरी की जनता को उठाना पड़ रहा है।
भारतीय किसान संघ शिवपुरी
क्या कहते हैं जनप्रतिनिधि
-भाजपा की सरकार ने शिवपुरी में करोड़ों रुपए की लागत से नवीन भवन का निर्माण मरीजों की सुविधा के लिए कराया है। विशेषज्ञ चिकित्सकों के स्वेच्छिक सेवानिवृत्त के कारण विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी आई है। उसके बाद भी सरकार द्वारा कई चिकित्सकों को शिवपुरी अस्पताल में भेजा गया है। शिवपुरी अस्पताल में बेहतर सुविधाएं मरीजों के लिए उपलब्ध कराने का प्रयास प्रभारी मंत्री एवं सरकार द्वारा किया जा रहा है।
-शिवपुरी का स्वास्थ्य विभाग क्या हर मुद्दे पर प्रदेश की सरकार फेल साबित हो रही है। जिस जिले के प्रभारी मंत्री स्वयं स्वास्थ्य मंत्री हैं उस जिले में आईसीयू काफी समय से बंद पड़ा हुआ है। उनकी सरकार कोलारस में शिवपुरी की तुलना में विकास करने का वादा करती है जिस प्रकार शिवपुरी का आईसीयू बंद पड़ा हुआ है, वहीं हाल कोलारस में भी सरकार दोहराना चाहती है?
जनपद उपाध्यक्ष कोलारस
-जिला स्वास्थ्य विभाग से लेकर कोलारस, बदरवास, रन्नौद, खतौरा, लुकवासा में विशेषज्ञ एवं चिकित्सकों का अभाव है वहीं दूसरी ओर कोलारस परगने में एक भी महिला चिकित्सक उपलब्ध नहीं है जबकि जिले के प्रभारी मंत्री एवं सरकार विकास का दावा करती है। कोलारस एवं बदरवास में स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों की कमी है। महिला चिकित्सकों के अभाव में महिलाएं शिवपुरी एवं गुना इलाज कराने को मजबूर हैं।
मंडी अध्यक्ष रन्नौद
इनका कहना है
हम उपलब्ध संसाधनों में मरीजों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराने का प्रयास करते हैं और हमारा यही प्रयास रहता है कि मरीज को इलाज का लाभ मिले।
आरएमओ जिला अस्पताल शिवपुरी






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