मोटर खराब होने पर तीन दिन में करनी होगी सही

शिवपुरी। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर तरूण राठी ने निर्देश दिए कि ऐसी बंद पड़ी नलजल योजनाए जिनमें पर्याप्त पानी है, लेकिन कारण से बंद है, उन्हें तत्काल शुरू करें। ऐसे क्षेत्र जहां जलस्त्रोत असफल हो गए है, उन क्षेत्रों में नवीन स्त्रोतों का सर्वे कर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर श्री राठी ने उक्त आशय के निर्देश ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल आपूर्ति के संबंध में जिलाधीश कार्यालय के सभाकक्ष में आज आयोजित बैठक में दिए।
कलेक्टर श्री राठी ने ग्रामीण क्षेत्र की बंद पड़ी नलजल योजनाओं को चालू कराने हेतु समयसीमा निर्धारित कर एमपीईबी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ट्रांसफार्मर बदलने एवं बिजली बिल के कारण नलजल योजना एक भी दिन बंद न हो। उन्होंने पीएचई के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां जल स्त्रोत असफल हो रहे हैं, वहां नवीन स्त्रोत का सर्वे कराकर ऐसी नलजल योजनाएं एवं हेण्डपंप जिनमें पर्याप्त पानी है, उन्हें तत्काल शुरू किया जाए। किसी नलजल योजना की मोटर खराब होने पर तीन दिन के अंदर मोटर बदलकर नलजल योजना चालू की जाए।
नलजल योजना बंद होने पर संबंधित के खिलाफ होगी कार्यवाही
कलेक्टर ने कहा कि ग्राम पंचायत यह सुनिश्चित करें कि उनके क्षेत्र में आने वाली कोई भी नलजल योजना बंद न रहे। बंद रहने पर संबंधित के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के अधिकारियों एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले की बंद नलजल योजनाओं का सत्यापन कर अपना प्रतिवेदन तत्काल दें।
प्रत्येक मंगलवार को होगी समीक्षा
ऐसी बसाहटें जहां जल स्तर गिरने के कारण पेयजल की व्यवस्था न होने पर क्षेत्र के तीन ऐसे निजी जलस्त्रोत जिनमें पर्याप्त पानी है, उन्हें चिन्हित कर उनसे पेयजल उपलब्ध कराने की कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मंगलवार को सभी राजस्व अनुविभागों पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), सीईओ जनपद, एसडीओ, पीएचई एवं एमपीईबी के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक कर पेयजल आपूर्ति की समीक्षा करें। कलेक्टर ने कहा कि 02 अक्टूबर 2018 तक जिले को खुले में शौच से मुक्त कर सके। इसके लिए ग्रामीणों को अपने घरों में शौचालय बनाए जाने हेतु प्रेरित करें।






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