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| तीन माह पूर्व हुई शादी की रजनी और उसके पति की तस्वीर |
शिवपुरी-शिवपुरी के राठौर मोहल्ला में रहने वाली रजनी उसके पति विशाल पर उसकी भाभी से अवैध संबंध होने का आरोप लगाती थी, इसे लेकर अक्सर विवाद होता रहता था, इसलिए उसे मार डाला। यह जानकारी ससुर और पत्नी की जघन्य हत्या करने वाले दामाद विशाल व्यास और उसके साथी से पूछताछ के दौरान पुलिस को हाथ लगी है। सोमवार को हुए हत्याकांड के बाद बुधवार को पुलिस ने नाटकीय घटनाक्रम में सोनकच्छ से दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया है। ये दोनों सोनकच्छ कोर्ट में सरेंडर करने का प्रयास कर रहे थे। इनका एक साथी अब भी फरार है। गिरफ्तार आरोपी विशाल व्यास और सन्नी गुप्ता से पुलिस पूछताछ कर रही है।
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जानकारी के अनुसार पूछताछ में यह बात सामने आई है कि मृतका रजनी अपने पति विशाल पर आरोप लगाती रहती थी कि उसके संबंध उसकी भाभी से है। वह बार-बार यह कहती रहती थी कि तुम्हारे भाभी से संबंध है तो मुझसे शादी क्यों की। इस बात को लेकर परिवार में लड़ाई झगड़ा होता रहता था। इससे परेशान होकर विशाल ने रजनी को मारने की योजना बनाई थी।
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| वह कार जिससे आरोपी आया था सरेंडर करने |
दहेज में 10 लाख की मांग कर रहा था
विशाल के ससुर महेश उपाध्याय के परिजनों का कहना है कि आरोपी विशाल ने निपानिया में 25 लाख रुपए का मकान खरीदा है। वह ससुराल पक्ष से 14 लाख रुपए ले चुका है। इसके बावजूद वह 10 लाख रुपए और देने की मांग कर रहा था।
पूर्व से तैयार कर ली थी हत्या की योजना
आरोपी विशाल और उसके दोस्तों ने रजनी की हत्या करने की योजना पहले ही तैयार कर ली थी। विशाल ने पत्नी से कहा था की उसने नया मकान खरीदा है और उसे देखने चलना है। हालांकि जब वे पत्नी रजनी को लेकर कार से शिवपुरी से इंदौर के लिए निकलने वाले थे तभी विशाल का ससुर महेश भी उनके साथ कार में बैठ गया और रास्ते भर उनके मध्य विवाद होता रहा।
बुधवार को पत्नी ने तोड़ा दम
इंदौर के ट्रेवल एजेंट विशाल व्यास के हमले में घायल पत्नी रजनी व्यास (30) ने बुधवार शाम को दम तोड़ दिया था। इसके पहले वह ससुर महेश उपाध्याय (शिवपुरी) की पत्थरों से कुचलकर हत्या कर चुका है। 25 जून की रात सोनकच्छ-खरपड़ी रोड पर आरोपी विशाल व उसके दो साथियों ने पत्नी और ससुर को जिंदा जलाने का प्रयास किया। इसके बाद पत्थरों से हमला किया, इससे ससुर की मौके पर ही मौत हो गई थी। पत्नी गंभीर हालत में इंदौर में भर्ती थी जहां बुधवार शाम करीब 6 बजे उसकी मौत हो गई। इसकी पुष्टि टीआई राजेंद्रकुमार चतुर्वेदी ने की है।
पुलिस को देख भागे लेकिन दबोच लिया
बुधवार शाम करीब चार बजे आरोपित विशाल और उसका दोस्त सनी इंदौर के एक वकील के साथ सोनकच्छ न्यायालय में सरेंडर करने निकले। विशाल और सनी एक कार में थे जबकि वकील दूसरी कार में। सूत्रों के अनुसार, पुलिस को उनके सरेंडर करने की बात पता चली तो घेराबंदी कर दी। पुलिस को देख आरोपितों ने भागने का भी प्रयास किया लेकिन रेस्ट हाउस रोड पर दोनों को धर दबोचा। आरोपित जिस कार में सवार थे, उसके चालक को भी हिरासत में लेकर कार जब्त कर ली। पुलिस घटना में उपयोग में लाई गई कार अभी बरामद नहीं कर सकी है।
तीन साल पहले सनी को घर से निकाला था
उधर, पुुलिस आरोपितों की धरपकड़ के लिए मंगलवार से ही प्रयास कर रही थी। जानकारी के अनुसार, पुलिस आरोपितों के घर भी पहुंची। यहां पता चला कि विशाल कार चलाता है। वहीं सनी के परिजन ने बताया कि उसे तीन साल पहले ही घर से निकाल दिया था। उसकी हरकतों से परिजन परेशान थे। भास्कर इंदौर साभार









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