
बैराड़। तहसील क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम धौरिया में रविवार को
प्रसिद्घ दूल्हादेव मंदिर पर विशाल मेले का आयोजन स्थानीय ग्रामीणों के
सहयोग से किया गया। दूल्हादेव मंदिर पर प्रतिवर्ष मौहर छठ के दिन सर्पदंश
के बंध कटवाने व दर्शनार्थी श्रद्घालुओं की भीड़ मेले में उमड़ती है। इस वर्ष
भी करीब 20 हजार दर्शनार्थी ने मंदिर में दर्शन कर पूजा अर्चना की दूल्हा
देव मंदिर धौरिया गांव के बीचों बीच स्थित है। इस क्षेत्र में सांप के
काटने पर दूल्हा देव का बंध लगाकर जहर का असर नहीं होने की मान्यता के लिए
प्रसिद्घ देव स्थान है। यहां वर्ष में हजारों सर्प दंश पीड़ित मंदिर पर आते
हैं। कहा जा रहा है कि दूल्हादेव के दर्शन एवं बंध लगाने वाले अभी तक
हजारों लोगों पर जहर का असर नहीं होकर जीवन दान पा चुके हैं। लोगों का
मानना है कि दूल्हा देव मंदिर के भगत द्वारा सर्पदंश पीड़ित को भवूत लगाने
और दूल्हादेव की परिक्रमा कराने से सर्प के जहर का असर नहीं होता है। भादों
माह की मौहरछठ को लगने वाले मेले में बंध काटे जाते हैं।
मेले में
आने वाले श्रद्घालुओं को प्रसाद वितरण के लिए भंडारे का आयोजन भी दूल्हा
देव भक्त मंडल के द्वारा जनसहयोग से किया जाता है। इसमें काफी बड़े स्तर पर
पूडी सब्जी के रूप में भंडारा बांटा जाता। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी
भंडारे का आयोजन मुकेश तिवारी, पवन गुप्ता खरई वाले, पूरन राठौर, विनोद
गुप्ता, नीरज धौरिया, अनिल गुप्ता, नरेश रावत, दिव्यानंद वर्मा, राजकुमार
रावत, प्रकाश राठौर सरपंच, उम्मेद सिंह परिहार, सचिव रामभरत धाकड़ आदि
ग्रामीणों के सहयोग से किया गया।






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