कलेक्ट्रेट की प्याऊ भरने आए टैंकर को रोककर भरी कट्टियां
शिवपुरी। शिवपुरी शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी जलसंकट चरम पर है। आज कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनसुनवाई में बड़ी संख्या में ग्राम भौराना, गूगरीपुरा और लालमाटी क्षेत्र के लोग खाली कट्टियां लेकर पहुंचे जिन्होंने से पानी मांगते हुए गांव में नवीन बोर खनन कराने की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। बाद में डिप्टी कलेक्टर आरके प्रजापति ने कलेक्टर की अनुपस्थिति में ग्रामीणों की समस्या को सुना और पीएचई के ईई श्री बाथम को तुरंत गांव में बोर उत्खनन कराने का निर्देश दिया। इसके बाद ग्रामीण अपना आवेदन देकर बाहर आए तो उन्हें कलेक्ट्रेट में प्याऊ को भरने आया टैंकर दिखा तो ग्रामीणों ने उसे रोक लिया और कलेक्ट्रेट प्रांगण में ही लेजम लगाकर खाली कट्टियां भर ली। जब उन्हें समझाया गया तो ग्रामीणों का कहना था कि उनके घरों में पानी नहीं है और वह खाली कट्टियां लेकर यहां आए हैं, लेकिन अब वह यहां से कट्टियां भरकर ही हटेंगे। ग्राम भौराना के जाटव बस्ती के और गूगरीपुरा व लालमाटी क्षेत्र के अनेकों ग्रामीण कलेक्ट्रेट कार्यालय खाली पानी की कट्टियां लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे जहां उन्होंने डिप्टी कलेक्टर आरके प्रजापति को एक आवेदन दिया जिसमें उन्होंने उल्लेख किया है कि उनके क्षेत्र में पेयजल की गंभीर समस्या है वह 2-2, 3-3 किमी पैदल चलकर पानी की व्यवस्था करते हैं। उनके गांव में पानी का कोई भी साधन नहीं है जिससे लोगों की प्यास बुझ सके। इसलिए उनके गांवों में बोर उत्खनन कराया जाए। जिसे लेकर वह पूर्व में कई बार जनसुनवाई में आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अभी तक बोर उत्खनन नहीं हुआ है। इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है जिससे उन्हें पानी की अति आवश्यकता है।
बीएमओ ने रिश्वत लेकर बिना ठहराव के कर दी आशा कार्यकर्ता की नियुक्ति
आशा-ऊषा-सहयोगी एकता यूनियन की चंद्रकला चंदेल ने जनसुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर को एक शिकायती आवेदन सौंपा। जिसमें उन्होंने बीएमओ और बीसीओ पर 15 हजार रूपए की रिश्वत लेकर बिना ठहराव प्रस्ताव के आशा की नियुक्ति करने का आरोप लगाया है और मांग की है कि उक्त मामले की जांच की जाए। शिकायतकर्ता ने आवेदन में उल्लेख किया है कि ग्राम तरावली में 8 हजार 50 की जनसंख्या है। जहां वह वर्ष 2006 से कार्यरत है इसके बावजूद भी बीएमओ और बीसीएओ ने दूसरी आशा कार्यकर्ता की नियुक्ति कर दी है जो गलत है।






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