शिवपुरी-बीते लंबे समय से नरवर क्षेत्र में स्थित अटल सागर जलाशय (मड़ीखेड़ा बांध)और मोहनी सागर जलाशय का अस्तित्व अब खतरे में जान पड़ रहा है यह इसलिए क्योंकि सूत्रों के अनुसार यहां माधव नेशनल पार्क, सामान्य वन मण्डल और जल संसाधन विभाग के संरक्षण में अवैध रूप से लोगों को बढ़ावा देकर डायनाईट से मछलियों का खात्मा कराया जा रहा है। तो वहीं इस डायनामाईट की धमक से मोहनी सागर डैम व मड़ीखेड़ा का डैम पर भी खतरे के संकट मंडराने लगे है। तेज आवाज में ज्वलनशील पदार्थ से होने वाले धमाके के कारण इन डैमों की दीवारों पर भी असर पड़ रहा है और अटल सागर बांध की तो पिचिंग भी धीरे-धीरे कई जगह उखडकर फि कने लगी है ऐसे में कहीं कोई बड़ा हादसा ना हो जाए इससे भी इंकार नहीं किया जा सकता है। बताया गया है कि अटल सागर बांध की कालोनियों में अबैध रूप से निवासरत लोगों को जल संसाधन विभाग द्वारा संरक्षण दिया गया है एवं मानव नेशनल पार्क के चौकीदारों की मिली भगत से ये अवैध शिकारी नेशनल पार्क के अंदर के रास्तों से होकर मड़ीखेड़ा बांध के भराव क्षेत्र तक पहुंच जाते हैं और इन्हीं के द्वारा आए दिन मड़ीखेड़ा डैम से मछलियों का शिकार डायनामाईट के बल पर किया जाता है। वहीं दूसरी ओर इस डायनामाईट से ना केवल मछलियों बल्कि जलचर जीव जन्तु मगरमच्छ भी असमय काल के गाल में समा रहे है। यदि यूं कहे कि इन अवैध मछलियों के शिकारियों के कारण जहां डैमों का भविष्य खतरे में है तो वहीं वन्य प्राणी के रूप में जलचर के रूप में जीव जन्तुओं के साथ साथ मत्स्य महासंघ के शिकारियों पर भी भारी खतरा मंडरा रहा है। बीते 6-7 महीनों से मछलियों का अवैध शिकार करने वाले कुछ लोगों को मंत्स्य महासंघ के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने ठेकेदार के सहयोग से कई बार पकड़ा गया और इन्हें पुलिस के हवाले भी किया लेकिन पुलिस ने इस मामले में कोई ठोस कार्यवाही नहीं की और इन्हें कुछेक देर थाने में रखकर बाद में चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। यदि समय रहते प्रशासन द्वारा इन अबैध शिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो वह दिन दूर नहीं जब कोई अप्रिय घटना घटित हो जाए।
इनका कहना है-
इन डैमों पर मछली विभाग का ठेका है अब उसमें कौन ब्लास्ट कर रहा है, यह तो हमें पता नहीं लेकिन इस मामले को लेकर शिकायत पुलिस थाना व वन विभाग को भी कर दी है और ब्लास्ट करने वाले अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई है।
एम.एस.परस्ते
कार्यपालन यंत्री
मड़ीखेड़ा डैम, शिवपुरी






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