शिवपुरी-शहर के कई व्यापारियों को करोड़ों का चूना लगाकर फरार हुए कोर्ट रोड़ निवासी विनोद जैन पुत्र भगवती प्रसाद जैन उसकी पत्नि मीना जैन और टेकरी निवासी ज्योति गुप्ता पत्नि अनिल गुप्ता की धरपकड़ के लिए कोतवाली पुलिस सक्रिय हो गई है। अब यदि आरोपी 6 जुलाई 2018 को न्यायालय के समक्ष उक्त परिवाद का उत्तर देने के लिए हाजिर नहीं होंगे तो न्यायालय द्वारा इनकी चल अचल संपत्ति की कर्कुी की कार्यवाही की जा सकती है। कोतवाली के एएसआई नरेन्द्र शर्मा द्वारा एक सूचना भी आरोपी के घर चस्पा की गई है।उल्लेखनीय है कि कोर्ट रोड़ निवासी फुलझड़ी कारोबारी के भाई विनोद जैन ने 85 लाख रुपए में टेकरी निवासी शिवशंकर गोयल से राजेश्वरी रोड़ स्थित तीन मंजिला शॉपिंग कॉ पलेक्स का सौदा किया था जिसके एवज में 85 लाख रुपए विनोद जैन ने शिवशंकर गोयल से हासिल किए और बाद में जब यह शॉपिंग कॉम्पलेक्स बनकर तैयार हो गया तो इस इमारत में अलग अलग दुकानें अलग अलग लोगों के नाम विनोद जैन ने रजिस्ट्री करा दीं जिनमें क्रमश: राहुल जैन, रामनिवास खण्डेलवाल, हिमांशु गोयल आदि क्रेता शामिल हैं। जब बात शिवशंकर गोयल को रजिस्ट्री कराने की आई तो विनोद जैन भूमिगत हो गया। विनोद जैन शहर के अलग अलग व्यवसाइयों से रियल एस्टेट के इस गोरखधंधे में करोड़ों रुपए का घालमेल पहले ही कर चुका था जिसमें जीतमल सांखला नामक व्यवसायी के 30 लाख रुपए लेकर भी यह फरार हो गया। इसी क्रम में विनोद जैन की पत्नि मीना जैन ने भी जमीन घोटाला कर डाला, इसने महाराणा प्रताप नगर स्थिति एक भूखण्ड का सौदा रजनी गोयल पत्नि हरिशंकर गोयल से 15 लाख में तय किया। एग्रीमेंट भी करा लिया लेकिन जब बात रजिस्ट्रिी कराने की आई तो पता चला कि इस भूखण्ड को मीना जैन ने गीता जैन को विक्रित कर दिया, उधर अनिल गुप्ता निवासी टेकरी गली की पत्नि ज्योति गुप्ता ने भी महाराणा प्रताप नगर में एक भूखण्ड का सौदा 17.60 लाख में किया और रजनी को भूखण्ड देने के बजाए उसने कपिल गुप्ता को विक्रय कर दिया जबकि इनकी एडवांस राशि हड़पकर ये महिलायें भी भूमिगत हो गईं। इस पूरे मामले में कोतवाली पुलिस में रजनी गोयल पत्नि हरिशंकर गोयल की रिपोर्ट पर से अपराध क्रमांक 473/17 धारा 420, 34 के तहत विनोद जैन पुत्र भगवती जैन, मीना जैन पत्नि विनोद जैन, ज्योति गुप्ता पत्नि अनिल गुप्ता और कपिल गुप्ता के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर लिया। इस पूरे मामले में अब न्यायालय ने भी धारा 82 जाफौ के तहत उक्त विनोद, मीना और ज्योति के खिलाफ उद्घोषणा जारी कर दी है और इन तीनों को 6 जुलाई को न्यायालय में उपस्थित होने के आदेश दिए हैं। यदि ये तीनों उपस्थित नहीं हुए तो धारा 83 जाफौ के तहत इनकी चल अचल सम्पत्ति कुर्की की कार्यवाही की जा सकती है। इधर कोतवाली पुलिस ने भी इन आरोपियों की तलाश में कई टीमें रवाना कर दी हैं। इन तीनों के विरुद्ध इनाम घोषणा की कार्यवाही भी पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रक्रियागत बताई जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि इस गोरखधंधे की चपेट में नगर के कई नामचीन व्यापारी ऐसे भी आए हैं जो इनके हाथों लुटपिट जाने के बावजूद अभी तक रिपोर्ट करने सामने नहीं आए हैं। विनोद जैन पर करीब 12 से 14 करोड़ रुपए छलपूर्वक ले भागने की सुगबुगाहट भी सामने आ रही है।






Be First to Comment