
कोलारस।
विधानसभा मुख्यालय से करीब १0 किलो मीटर पूर्व दिशा में स्थित देश की
इतिहासिक विशाल प्रतिमा कोलारस के राई के अलावा शायद ही किसी अन्य स्थान पर
इतनी प्राचीन एवं विशाल प्रतिमा हो। कोलारस में भैरव जी पर बैसे तो हर
रविवार भक्तगण भैंरव बाबा से आशीर्वाद ग्रहण करने पहुंचते है। किन्तु वर्ष
में एक बार पडने बाली मोहर छट के दिन भैंरव जी पर विशाल मेला अयोजित होता
है। इस दिन भैंरव जी का मोहर विसर्जित होने के साथ पुन: श्रंृंगार होता है।
इस दिन मालवा क्षेत्र के अधिकांश किसान दूध दही एवं खडके का भोग लगाने आते
है। इसके अगले दिन सप्तमी को आस पास के हजारो भक्त पहुंचते है। जो कि
नरियल के अलावा मिष्ठान एवं नमकीन पकोडी का भोग भी लगाते है। कुल मिला कर
मोहर छट एवं अगले दिन हजारो की संख्या को जोड कर एक लाख तक भक्त भैंरव जी
के चरणो में दो दिनो के दौरान माथा टेकने एवं पालतू मवेशियो का दूध दही चढा
कर सुख सम्रधि की प्रार्थना भैंरव जी से करते है।






Be First to Comment