मेरठ

अतुल प्रधान ने बुधवार को मेरठ से नामांकन दाखिल किया था।
सपा ने अब मेरठ में मुरादाबाद जैसा उलफेटर किया है। नामांकन के आखिरी दिन अतुल प्रधान का टिकट काट दिया है। उनकी जगह पर पूर्व मेयर सुनीता वर्मा को प्रत्याशी बनाया है। प्रधान ने बुधवार को नामांकन दाखिल किया था। शाम को उनके टिकट कटने की खबरें सामने आने लगीं।
इसके बाद रात में प्रधान ने पार्टी से इस्तीफे की पेशकश कर दी। कहा कि अगर मेरा टिकट कटा, तो इस्तीफा दे दूंगा। फिर अतुल लखनऊ पहुंच गए। 2 घंटे के मंथन के बाद आखिरकार अखिलेश उन्हें मनाने में कामयाब रहे। इसके बाद अतुल ने X लिखा-मुझे राष्ट्रीय अध्यक्ष का फैसला स्वीकार है।
फिलहाल, सुनीता वर्मा के पति योगेश वर्मा लखनऊ से हेलिकॉप्टर से सिंबल यानी AB फॉर्म लेकर मेरठ पहुंच गए हैं।

इस तस्वीर में योगेश दिख रहे हैं। वह लखनऊ से सपा सिंबल लेकर मेरठ पहुंच गए हैं।
सपा के टिकट को लेकर मेरठ में 20 दिन से चल रही खींचतान
सपा टिकट को लेकर मेरठ में 20 दिन से खींचतान चल रही है। 16 मार्च को सपा ने मेरठ से भानु प्रताप को टिकट दिया। मगर, दिल्ली में हुई इंडी गठबंधन की रैली वाले दिन अतुल प्रधान लखनऊ से अखिलेश के पीछे दिल्ली चले गए।
अतुल ने पैरवी के लिए मेरठ से अपनी बिरादरी के लोगों, समर्थकों को दिल्ली बुला लिया। यहां समर्थकों ने अतुल की जमकर पैरवी कर दी। इसके बाद अखिलेश ने अतुल के नाम की घोषणा कर दी। अतुल का नाम घोषित होने के बाद भी उन्हें सिंबल नहीं मिला था।

बुधवार दोपहर 1 बजे अतुल प्रधान ने मेरठ में अपना नामांकन दाखिल किया था।
इसके बाद मंगलवार रात अतुल लखनऊ से पार्टी सिंबल लाए और बुधवार दोपहर को पर्चा दाखिल किया। फिर बुधवार शाम को अचानक खबरें सामने आने लगीं कि अतुल प्रधान का टिकट कट गया है। उनकी जगह पर आलाकमान ने सुनीता वर्मा को मैदान में उतारने जा रही है।
इससे अतुल प्रधान नाराज हो गए। उन्होंने पार्टी छोड़ने की पेशकश कर दी और सीधे लखनऊ पहुंच गए। गुरुवार सुबह उनकी लखनऊ में सपा प्रमुख से मीटिंग हुई। अखिलेश ने उन्हें किसी तरह से समझाया।
मुरादाबाद में आखिरी वक्त पर एसटी हसन का काटा था टिकट
मुरादाबाद में आखिरी वक्त टिकट को लेकर कशमकश चली थी। पहले सपा ने एसटी हसन को टिकट दिया था। नामांकन के आखिरी दिन उनका टिकट काट दिया था। उनकी जगह पर रुचि वारी को प्रत्याशी बनाया था।
अखिलेश 6 टिकट बदले, जयंत का तंज-जिनका टिकट नहीं कटा, उनकी किस्मत
अखिलेश 6 लोकसभा सीटों पर टिकटों में बदलाव कर चुके हैं। चर्चा है कि वह अभी कुछ और सीटों पर बदलाव का विचार कर रहे हैं। मेरठ, मुरादाबाद, गौतमबुद्धनगर, बिजनौर, बदायूं, मिश्रिख में टिकट बदले गए।
इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने कहा-ĪNDIA गठबंधन के दलों को अपने घोषित प्रत्याशियों पर ही भरोसा नहीं। जयंत चौधरी ने X पर लिखा-विपक्ष में किस्मत वालों को ही कुछ घंटों के लिए टिकट मिलता है। जिनका टिकट नहीं कटा। उनकी किस्मत…।










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