शिवपुरी। जिले के सुभाषपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम करसैना में वन विभाग के कर्मचारियों पर ग्रामीणों के साथ मारपीट, जातिसूचक गालियां देने और अवैध वसूली की मांग करने के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित ग्रामीणों ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
आवेदन के अनुसार ग्राम करसैना निवासी सौरभ जाटव, नितिन जाटव, नवाब सिंह, लक्ष्मण सिंह और अजीत ने आरोप लगाया है कि 9-10 मई की रात वे गांव की सार्वजनिक तलैया में ट्रैक्टर से गहरीकरण का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान फॉरेस्ट रेंज सुभाषपुरा के कर्मचारी प्रतिप कुमार, शिवानी शिल्पकार, खु्मान सिंह और सिरनाम जाटव मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों का आरोप है कि वनकर्मियों ने शराब के नशे में उनसे एक लाख रुपये की मांग की और पैसे नहीं देने पर फर्जी वन भूमि उत्खनन का केस दर्ज कराने तथा ट्रैक्टर जब्त करने की धमकी दी। जब ग्रामीणों ने विरोध किया तो कथित रूप से जातिसूचक गालियां दी गईं और लाठी, पत्थर व डंडों से हमला कर दिया गया।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि सौरभ जाटव के सिर में लाठी मारी गई और ट्रैक्टर सहित उसे कुंडा में पलट दिया गया, जिससे ट्रैक्टर क्षतिग्रस्त हो गया। बीच-बचाव करने आए अन्य ग्रामीणों को भी चोटें आने की बात कही गई है।
पीड़ितों का कहना है कि संबंधित तलैया राजस्व विभाग की सार्वजनिक जमीन पर स्थित है और वन विभाग की सीमा से काफी दूर है। इसके बावजूद वनकर्मियों द्वारा दबाव बनाकर झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी दी जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि मामले की शिकायत सुभाषपुरा थाने में की गई, जिस पर बीएनएस की धारा एवं एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं पीड़ितों ने आरोप लगाया कि वन विभाग के कर्मचारी अब उनके खिलाफ झूठा प्रकरण दर्ज कराने की धमकी दे रहे हैं।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच, आरोपियों पर कठोर कार्रवाई और जान-माल की सुरक्षा की मांग की है।







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