लखनऊ

यूपी में समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन को लेकर चल रही खींचतान पर विराम लगता नजर आ रहा है। सपा कांग्रेस को 17 सीटें देने पर राजी हो गई। दोनों दलों के बीच सुलह कराने में प्रियंका गांधी का अहम रोल बताया जा रहा है। प्रियंका ने ही राहुल और सपा प्रमुख अखिलेश यादव की फोन पर बात कराई है।
दोनों दलों के नेता गठबंधन को लेकर शाम 5 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। वहीं, अखिलेश यादव से जब इस बारे में सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि गठबंधन होगा, अंत भला तो सब भला।

ये तस्वीर लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर चल रही तैयारियों के दौरान की है।
दोनों दलों के आलाकमान की बातचीत की इनसाइड स्टोरी
कांग्रेस की तरफ से मुरादाबाद सीट की डिमांड ड्रॉप कर दी गई है। सपा ने भी वाराणसी से उम्मीदवार वापस लेने की बात कही है। कांग्रेस आलाकमान ने अखिलेश की दी हुई सीटों पर आखिर में सिर्फ दो बदलाव मांगे हैं।
पहला– हाथरस सपा को वापस दी जाए। सपा ने इसे मान लिया है।
दूसरा- बुलंदशहर या मथुरा में से एक सीट सपा ले और एक कांग्रेस। इसके अलावा कांग्रेस को श्रावस्ती सीट भी सपा दे। श्रावस्ती पर सपा ने विचार करने की बात कही है।
कांग्रेस ने 20 सीटें मांगी थीं

यह तस्वीर 2017 की है। जब विधानसभा में सपा-कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल अखिलेश पहुंचे थे।
सूत्रों के मुताबिक, सपा ने कांग्रेस को अमेठी, रायबरेली, प्रयागराज , वाराणसी , महाराजगंज , देवरिया , बांसगांव, सीतापुर, अमरोहा, बुलंदशहर , गाजियाबाद , कानपुर , झांसी , बाराबंकी , फतेहपुर सिकरी, सहारनपुर और मथुरा सीट दी। कांग्रेस की डिमांड 20 सीटों की थी। कांग्रेस ऐसी सीटें चाहती थी, जिस पर उसके जीत की संभावना हो,लेकिन सपा इस राजी नहीं हो रही थी।
राहुल गांधी की न्याय यात्रा में 2 दिन का ब्रेक क्यों?
मंगलवार को राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा लखनऊ पहुंची। बुधवार को लखनऊ के बंथरा से उन्नाव होते हुए कानपुर पहुंची। दोपहर 2 बजे राहुल दिल्ली के लिए रवाना हो गए। इस मसले पर राजनीतिक जानकारों का कहना है, राहुल सपा और कांग्रेस के बीच सीट के बंटवारे को लेकर उठे विवाद के बाद अपनी यात्रा में 2 दिन की कटौती कर रहे हैं।
अखिलेश यादव ने भी साफ कहा है कि जब तक सीटों का बंटवारा नहीं हो जाएगा, तब तक वह न्याय यात्रा में नहीं जुड़ेंगे। राहुल दिल्ली में उत्तर प्रदेश पर मंथन करेंगे और अगले 2 दिनों में सीट बंटवारे पर फैसला भी करेंगे।
यूपी में खुद को कमजोर नहीं बताना चाहती कांग्रेस
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कांग्रेस यूपी में खुद को कमजोर नहीं बताना चाहती। वह सपा से समझौता तो करना चाहती है, लेकिन यह संदेश नहीं देना चाहती है कि वह सपा के अनुसार ही समझौता कर रही है। यही नहीं, कांग्रेस मुस्लिम बहुल सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है।
अखिलेश ने क्यों बदली रणनीति
राज्यसभा प्रत्याशियों को लेकर स्वामी प्रसाद मौर्य और सलीम शेरवानी ने हाल में सपा से इस्तीफा दिया है। इस वजह से अखिलेश ने अपनी रणनीति बदली है और कांग्रेस के प्रति नरम रवैया अपना रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने चाचा शिवपाल यादव को बदायूं से लोकसभा प्रत्याशी घोषित किया है। इससे उन्होंने भितरघातियों को संदेश दिया है कि जिसे जाना है, वह जाए। पार्टी अपने फैसले नहीं बदलेगी।










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