
अयोध्या के राम मंदिर में 3 दिन बाद यानी 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी। देश में हर कोई रामलला की पहली झलक पाने के लिए आतुर है।
गर्भगृह में कर्नाटक के श्याम-वर्ण के पत्थर से बनी प्रतिमा रखी जा चुकी है। साथ ही, 2 दिन पहले चांदी की रामलला की 10Kg की प्रतिमा का भ्रमण रामजन्मभूमि पर कराया गया। इस तरह से अयोध्या में पूजन के लिए रामलला की 2 प्रतिमाएं राम भक्तों के सामने होंगी।
दोनों प्रतिमाएं गर्भगृह में रखी गईं
अयोध्या में 16 जनवरी से शुरू हुए प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का शुक्रवार (19 जनवरी) को चौथा दिन है। अनुष्ठान जारी है। 22 जनवरी को 2 प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा होगी। एक योगीराज मूर्तिकार की बनाई 200Kg वाली प्रतिमा और दूसरी 10Kg चांदी की प्रतिमा की भी प्राण प्रतिष्ठा होगी।
रामलला

इस वक्त, दोनों ही प्रतिमाएं राम मंदिर के गर्भगृह में रखी गई हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सोर्स के मुताबिक, चूंकि मुख्य प्रतिमा 200Kg की है। इसलिए पूजन के सभी संस्कार इतनी भारी प्रतिमा के साथ संभव नहीं हैं। यही वजह है कि जल, औषधि, फल, अन्न, घी आदि के साथ अधिवास के संस्कार चांदी की प्रतिमा के साथ करवाए जा रहे हैं। ये संस्कार मूर्ति गढ़ने के दौरान होने वाले दोषों को दूर करने के लिए किए जाते हैं।
बता दें कि अस्थाई मंदिर में पहले से स्थापित 6 इंच की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा नहीं होगी। क्योंकि, उनकी प्राण प्रतिष्ठा पहले ही हो चुकी है।

श्रीराम जन्मभूमि के ईशान कोण पर स्थित यज्ञशाला का विराट दृश्य ।
आज अनाज के साथ अधिवास कराया जा रहा
राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र और उनकी पत्नी ऊषा मिश्रा यजमान के रूप में सारे विधान पूरे कर रहे हैं। आचार्य गणेश्वर शास्त्री और आचार्य लक्ष्मीकांत दीक्षित यह सारे विधान अर्थात प्रतिष्ठा के नियमों को पूजा के अनेक प्रकारों से करा रहे हैं। शुक्रवार को सुबह अरिण मंथन से अग्नि प्रकट कर दी गई है।
मूर्तियों की आज वास्तु शांति के बाद धान्य अर्थात अनाज में अधिवास कराया जा रहा है। शाम तक आरती और पूजन होगा। इस दौरान 5 वैदिक चारों वेद का पाठ कर रहे हैं, जिसका पारायण 21 जनवरी को होगा।

शुक्रवार सुबह अस्थाई रामलला के मंदिर में श्वेत वस्त्रों का श्रृंगार किया गया।
अब 2 दिन नहीं हो सकेंगे दर्शन
राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा आयोजन को फीनिशिंग टच देने के लिए 20 और 21 जनवरी से दर्शन रोके जा रहे हैं। 20 जनवरी से दूसरे शहरों से आने वाले लोगों का प्रवेश अयोध्या में रोका जाएगा। अयोध्या-फैजाबाद के लोगों भी परिचय पत्र के साथ ही शहर में आ-जा सकेंगे। बता दें कि अभी तक अस्थाई मंदिर में 6 इंच के रामलला की चांदी की प्रतिमा के दर्शन करने राम भक्त पहुंच रहे थे।










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