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फूड सेफ्टी अथोरिटी के नए नियम छोटे व्यापारियों के लिए आर्थिक महामारी जैसे : कैट / Shivpuri News

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और वाणिज्य मंत्री को लिखा पत्र एफएसएसएसएआई नियमों को वापिस लेने की मांग

शिवपुरी। फूड सेफ्टी एण्ड स्टेण्डर्ड अथोरिटी द्वारा बीती 4 सितम्बर 2020 को जारी अधिसूचना में जो नए नियम प्रस्तावित किए गए हैं वह छोटे व्यापारियों के लिये आर्थिक महामारी के रूप में होंगे। केंद्र सरकार की हालिया अधिसूचना के संबंध में कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स कैट प्रदेश उपाध्यक्ष पवन जैन,  कार्यकारिणी सदस्य गंगाधर गोयल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन, वाणिज्य मंत्री पियूष गोयल को पत्र भेजकर एफएसएसएसएआई के नियमों को वापिस लेने की मांग की है। 
 
कैट ने कहा है कि अभी जो नई अधिसूचना जारी की है उसका खाद्य सुरक्षा और मानक यस्कूल में बच्चों के लिये सुरक्षित भोजन संतुलित आहारद्ध नियम को लागू किया जिसमें कहा गया है कि खाद्य उत्पाद जिसमें किसी प्रकार की चर्बी बढाने की संभावना है अथवा चीनी या सोडियम का कोई भी सामान किसी भी स्कूल के गेट से किसी भी सीमा में 50 मीटर की रेडियस परिधि में स्कूली बच्चों को सामान बेचने की अनुमति नहीं दी जाएगी। 
कैट मध्यप्रदेश ने इन नियमों का कडा विरोध करते हुए इसे बर्बर नियम करार दिया है। कैट अध्यक्ष भूपेन्द्र जैन महामंत्री मुकेश अग्रवाल ने कहा कि यह नियम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकल पर बोकल आत्म निर्भर भारत के आव्हान का उल्लंघन करता है। यह कानून छोटे व्यापारियों का व्यापार छीनेगा और सरकारी अधिकारियों में गैर संवेदनशीलता को दर्शाता है और देश के घरेलू व्यापार को अस्थिर करने में कोई कसर नहीं छोड रहा है। कैट ने एफएसएसएसएआई के इस नियम को तुरन्त वापिस लेने का आवाहन किया है। 
कैट ने सरकार से मांग की है कि वह इन गैर व्यवहारिक नियमों और विनियमों को वापस ले जो कि व्यक्ति के मौलिक व्यवहार का उल्लंघन करता है। मौजूद परिस्थियों के कारण सरकार रोजगार देने में सक्षम नहीं है, जबकि एफएसएसएसएआई लोगों को उनके मौजूदा व्यवसायों से वंचित करने के लिए अडिग है। इसके लिए एफएसएसएसएआई की जितनी आलोचना की जाए कम है।
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