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चैक बाउंस मामले में पहले किया दोषी सिद्ध, अपील में रिमांड फिर किया दोषमुक्त / Shivpuri News

शिवपुरी: न्यायालय न्यायाधीश जेएमएफसी अमित प्रताप सिंह ने चेक बाउंस मामले में जिला सत्र न्यायाधीश दीपक गुप्‍ता के आदेशानुसार पुन: विचारण करते हुए अभियुक्त को दोषमुक्त किया है। उल्‍लेखनीय है कि उक्त मामले में विचारण न्यायालय द्वारा पूर्व में आरोपी को दोष सिद्ध पाते हुए सजा और जुर्माने से दंडित किया था। उक्त निर्णय की अपील जिला सत्र न्यायाधीश दीपक गुप्‍ता के समक्ष प्रस्तुत की गई, जिसे न्यायाधीश द्वारा रद्द करते हुए मामले में विचारण न्यायालय के समक्ष पुन: विचारण हेतु भेजा गया। विचारण न्यायालय के समक्ष पुुुन: साक्ष्य हुई और साक्ष्य के पश्चात न्यायालय ने अपने ही पूर्व के निर्णय को बदलते हुए आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।


आरोपी की ओर से पैरवी एडवोकेट भरत ओझा द्वारा की गयी। परिवादी महेंद्र खरे पुत्र राजेंद्र खरे, शासकीय कर्मचारी, निवासी पुरानी अनाज मंडी न्यू ब्लाॅक और अभियुक्त जीतेंद्र शाक्य पुत्र कमल शाक्य, निवासी घाेसीपुरा एक दूसरे से परिचित हैं। परिवादी ने स्वयं का तीन पहिया वाहन जिसका रजिस्ट्रेशन एमपी 33 आर 1892, अभियुक्त को 9 अक्टूबर 2017 काे एक संयुक्त शपथ पत्र लिखतम के माध्यम से 1,55,000/- रुपए में विक्रय किया। जिसमें अभियुक्त ने परिवादी काे 5000/-रुपए दिए तथा शेष राशि अदा करने के लिए चेक क्रमांक 863441 एवं खाता क्रमांक 762701011003515, विजया बैंक शाखा शिवपुरी का अपने हस्तलेख से हस्ताक्षर करके दिया।

अभियुक्त ने उस लिखतम में यह भी लिखाया था कि यदि विक्रय धन राशि के 1,50,000/-रुपए उसके द्वारा चेक से राशि न दिए जाने पर परिवादी उक्त चेक डिस्ऑनर होने की दशा में न्यायालय द्वारा विधिक कार्रवाई कर सकता है। इसी के तहत प्रकरण न्यायालय में लगा।

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