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कोलारस विधानसभा क्षेत्र से बसपा के सम्भावित उम्मीदवार की खोज जारी टिकिट की लाईन में धाकड ,शर्मा, शिवहरे सबसे आगे

कोलारस
कोलारस विधानसभा क्षेत्र में बर्तमान में कांग्रेस के विधायक काविज है।
आगामी बर्ष 2018 में लोक सभा के चुनाव होना है बसपा उत्तरप्रदेश में सिकस्त
झेलने के बाद मध्य प्रदेश में बसपा का मुख्य ध्यान लगा हुआ है। बर्तमान
में प्रदेश में बसपा के तीन विधायक है। आगामी चुनावो में यदि बसपा प्रदेश
में कांग्रेस से गठबंधन नही करती है तो सभी २३० विधानसभा सीटो पर बसपा के
उम्मीदवार चुनाव मैदान में दिखाई देंगे। बसपा में कार्यक्रमो के द्वारा
संभावित उम्मीदवार की खोज जारी है। बसपा के सूत्रो की माने तो जो जितनी
ज्यादा शक्ति कार्यक्रमो में दिखायेगा टिकिट की लाईन में सबसे आगे होगा।
उत्तर प्रदेश की तरह मध्य प्रदेश में भी बसपा अपने उम्मीदवारो की घोषणा
आगामी वर्ष 2018 के प्रारंभ कर सकती है। जिसके लिए बसपा के संभावित
उम्मीदवारो की खोज जारी हैं। यदि कांग्रेस से गठबंधन नही होता है और टिकिट
का फैंसला वर्ष 2018 के प्रारंभ में होता है तो मूल बासपाई को बसपा से
टिकिट मिलना तय है।
कोलारसविधानसभा सीट से बसपा के उम्मीदवार के रूप
में रामनिवास धाकड बर्तमान विधानसभा अध्यक्ष का नाम टिकिट की रेश में आगे
दिखाई देता है। उसका मुख्य कारण धाकड का बसपा में आने के बाद निरन्तर
पार्टी के लिए संघर्ष करते हुये कार्य करना जिसका परिणाम बसपा ने धाकड को
विधानसभा अध्यक्ष पार्टी का बना कर दे दिया है। कोलारस विधानसभा क्षेत्र
में धाकड समाज बहुसंख्यक है। यदि हरिजन प्लस धाकड गठजोड रामनिवास धाकड के
नाम पर होता है तो धाकड के रूप में बसपा त्रिकोणिय संघर्ष की स्थिति में
पहली बार आ सकती है। बहुजन समाज पार्टी से बर्षो से जुडे अशोक शर्मा गुरूजी
का नाम भी बसपा से टिकिट मांगने बालो में मजबूती के साथ दिखाई दे रहा है।
उसकी मुख्य बजह पिछले विधानसभा के चुनाव में टिकिट मिलने के बाद पार्टी
द्वारा टिकिट बदला गया उसके बाद भी अशोक शर्मा की बसपा से निष्ठा बनी रही
और वह पुन: अपने घर बसपा में शामिल हुये। बसपा से टिकिट मांगने बाले प्रमुख
उम्मीदवारो में अशोक शर्मा गुरूजी का नाम भी कम आंकना भूल होगी क्यो कि
बसपा में टिकिट की लाईन में सबसे वरिष्ठ एवं सवर्ण कोटे से एक मात्र नाम
अशोक शर्मा गुरूजी का दिखाई दे रहा है।
बसपा में टिकिट की मांग करने
बाले कई कार्यकर्ता दिखाई दे जायेगे किन्तु बसपा में संगठन से लेकर
कार्यकर्ता के रूप में कार्य करने बाले दीपक शिवहरे बसपा नेता का नाम भी
टिकिट की लाईन में मजबूत दिखाई देता है। उसकी मुख्य बजह बसपा से टिकिट
मांगने बाले अन्य उम्मीदवारो में दीपक शिवहरे युवा होनेे के साथ साथ अन्य
उम्मीदवारो पर धन बल के कारण मजबूत प्रत्याशी दिखाई देते है। चुनाव के
लिहाज से साम, दाम, दण्ड, भेद सभी विन्दुओ पर दीपक शिवहरे खरे उतरते है।
अपनी पत्नि को सरपंच बना कर मिलनसार छवि का लाभ दीपक शिवहरे को बसपा से
उम्मीदवार के रूप में मिल सकता है।

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