कोलारस।
शनिवार को कोलारस पब्लिक स्कूल में पढऩे वाले कक्षा 8 के छात्र राहुल यादव
का शव अपने कमरे में फांसी पर लटका मिला था। राहुल द्वारा अचानक फांसी
लगाए जाने का कारण परिजन भी नहीं बता पाए। मामले में नया मोड उस समय आ गया
जब आज दूसरे दिन रविवार को कोलारस पब्लिक स्कूल की ही छात्रा निकेता जाट ने
फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। निकेता द्वज्ञक्रा फांसी लगाने के बाद मामला
और भी पेचीदा हो गया क्योंकि शनिवार को फांसी लगाने वाला छात्र और आज
फांसी लगाने वाली छात्रा एक ही स्कूल और एक ही कक्षा में पढ़ते थे। अब
लोगों के मन मे यह सवाल उठने लगा है कि आखिर कोलारस पब्लिक स्कूल में ऐसा
क्या है कि स्कूल के दो स्टूडेंट्स ने एक के बाद एक सुसाइड कर ली।
छात्र-छात्रा द्वारा फांसी लगाने के बाद यदि यह कहा जाए कि कहीं न कहीं
दोनों के बीच में कोई रिलेशन हो तो इससे भी इंकार नहीं किया जा सकता है।
क्योंकि दोनों ही एक ही कक्षा में पढ़ते थे। सूत्रों की मानें तो इस गंभीर
मामले में कहीं न कहीं स्कूल प्रबंधन ने भी अपनी जिम्मेदारी से किनारा किया
है क्योंकि कक्षा के दौरान बच्चों के बीच में क्या चल रहा है इसका ध्यान
रखना भी स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी बनती है। यदि कोई बच्चा मानसिक रूप
परेशान है तो इसकी उससे पूछताछ करनी चाहिए और परिजनों को भी इस बात से अवगत
कराना चाहिए, लेकिन कुछ सामने नहीं आया है। एक ही कक्षा के छात्र एवं
छात्रा द्वारा फांसी लगाने के लगाने के बाद कई तरह की चर्चाओं का बाजार
गर्म है। फिलहाल पुलिस द्वारा दोनों ही मामलों में विवेचना की जा रही है।
शनिवार को कोलारस पब्लिक स्कूल में पढऩे वाले कक्षा 8 के छात्र राहुल यादव
का शव अपने कमरे में फांसी पर लटका मिला था। राहुल द्वारा अचानक फांसी
लगाए जाने का कारण परिजन भी नहीं बता पाए। मामले में नया मोड उस समय आ गया
जब आज दूसरे दिन रविवार को कोलारस पब्लिक स्कूल की ही छात्रा निकेता जाट ने
फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। निकेता द्वज्ञक्रा फांसी लगाने के बाद मामला
और भी पेचीदा हो गया क्योंकि शनिवार को फांसी लगाने वाला छात्र और आज
फांसी लगाने वाली छात्रा एक ही स्कूल और एक ही कक्षा में पढ़ते थे। अब
लोगों के मन मे यह सवाल उठने लगा है कि आखिर कोलारस पब्लिक स्कूल में ऐसा
क्या है कि स्कूल के दो स्टूडेंट्स ने एक के बाद एक सुसाइड कर ली।
छात्र-छात्रा द्वारा फांसी लगाने के बाद यदि यह कहा जाए कि कहीं न कहीं
दोनों के बीच में कोई रिलेशन हो तो इससे भी इंकार नहीं किया जा सकता है।
क्योंकि दोनों ही एक ही कक्षा में पढ़ते थे। सूत्रों की मानें तो इस गंभीर
मामले में कहीं न कहीं स्कूल प्रबंधन ने भी अपनी जिम्मेदारी से किनारा किया
है क्योंकि कक्षा के दौरान बच्चों के बीच में क्या चल रहा है इसका ध्यान
रखना भी स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी बनती है। यदि कोई बच्चा मानसिक रूप
परेशान है तो इसकी उससे पूछताछ करनी चाहिए और परिजनों को भी इस बात से अवगत
कराना चाहिए, लेकिन कुछ सामने नहीं आया है। एक ही कक्षा के छात्र एवं
छात्रा द्वारा फांसी लगाने के लगाने के बाद कई तरह की चर्चाओं का बाजार
गर्म है। फिलहाल पुलिस द्वारा दोनों ही मामलों में विवेचना की जा रही है।
इनका कहना है
यह
बात सही है कि दोनों ही स्टूडेंट्स एक ही कक्षा में पढ़ते थे। दोनों के
द्वारा फांसी लगाने के बाद मृतकों के बीच में कोई रिलेशन हो इसकी भी छानबीन
की जा रही है। मोबाइल की भी कॉल डिटेल देखी जाएंगी कि कहीं दोनों ही बात
होती थी या नहीं। फिलहाल पुलिस द्वारा सभी दृष्टिकोण से मामले की विवेचना
की जा रही है।
सुजीत सिंह भदौरिया
एसडीओपी कोलारस
यह
बात सही है कि दोनों ही स्टूडेंट्स एक ही कक्षा में पढ़ते थे। दोनों के
द्वारा फांसी लगाने के बाद मृतकों के बीच में कोई रिलेशन हो इसकी भी छानबीन
की जा रही है। मोबाइल की भी कॉल डिटेल देखी जाएंगी कि कहीं दोनों ही बात
होती थी या नहीं। फिलहाल पुलिस द्वारा सभी दृष्टिकोण से मामले की विवेचना
की जा रही है।
सुजीत सिंह भदौरिया
एसडीओपी कोलारस





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