गुरुग्राम। रेयान स्कूल में सात साल के प्रद्युम्न कीक्रूर हत्या के बाद से ही कई सवाल ऐसे हैं,जिनके जवाब नहीं मिल रहे हैं। इस
बीच पुलिस की पड़ताल में ये बात सामने आई है कि, जिस टॉयलेट में उसकी
हत्या की गई, वहां की खिड़कियों से ग्रिल गायब थे। अब पुलिस इस बात की भी
जांच करेगी कि कहीं ऐसा तो नहीं हुआ कि किसी और शख्स ने प्रद्युम्न की
हत्या की और वो खिड़की से फरार हो गया।
इस मामले में प्रद्युम्न के
पिता वरूण ठाकुर की मानें तो उन्होंने अपने दोनों बच्चों को शुक्रवार सुबह
सात बजकर पचपन मिनट पर स्कूल छोड़ा था। उसी दौरान बस ड्राइवर सौरभ राघव भी
स्कूल पहुंचा था और आरोपी कंडक्टर अशोक कुमार बच्चों को बस से उतार रहा था।
ऐसे में बच्चों को उतारने और बस को खड़ी करने में कुछ वक्त लगा होगा। इस
बीच प्रद्युम्न सीधे गेट से टॉयलेट चला गया,जहां उसका बैग मिला था और वहीं
किसी ने उस पर हमला बोल दिया और टूटी खिड़की से फरार हो गया।
सोमवार
को पुलिस ने रेयान इंटरनेशनल स्कूल के रीजनल हेड फ्रांसिस थॉमस और स्कूल के
एचआर हेड जीएस थॉमस को जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया और
सोहना कोर्ट में पेश किया। जहां कोर्ट ने दोनों को दो दिन की पुलिस रिमांड
पर भेज दिया।
इस बारे में गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर संदीप खिरवार ने
कहा कि चार सदस्यीय टीम को एमडी और रेयान ग्रुप के चेयरमैन रेयान पिंटो से
पूछताछ के लिए मुंबई भेजा गया है। इतना ही नहीं कमिश्नर ने स्कूल मैनेजमेंट
को सबूत मिटाने का भी जिम्मेदार माना है, क्योंकि बच्चे की हत्या के बाद
आनन-फानन में टॉयलेट से खून साफ किया गया था। इस मामले में जल्द ही कुछ और
गिरफ्तारी भी होगी।
इस बीच बच्चे की वीभत्स हत्या के बाद गुरुग्राम
प्रशासन द्धारा बनाई गई तीन सदस्यीय कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट डिप्टी
कमिश्नर को सौंप दी है। इस कमेटी ने स्कूल में पांच बड़ी चूक की बात अपनी
रिपोर्ट में मानी है। इसमें टॉयलेट की टूटी खिड़कियां, टूटी बाउंड्रवॉल,
खराब अग्निशमन यंत्र और घटिया क्वालिटी के सीसीटीवी कैमरे सवाल खड़े कर रहे
हैं।
गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर ने शिक्षा विभाग के डायरेक्टर को
ये रिपोर्ट सौंप दी है, जिसके बाद स्कूल के खिलाफ आगे एक्शन लिया जाएगा।
बहुत मुमकिन है कि दूसरे स्कूलों को सख्त संदेश देने के इरादे से शिक्षा
विभाग रेयान स्कूल के मैनेजमेंट को अपने हाथों में ले ले। वहीं स्कूल का
लायसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
इस मामले में नेशनल कमीशन फॉर
प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स ने भी संज्ञान लेते हुए गुरुग्राम के डिप्टी
कमिश्नर के अलावा शिक्षा विभाग के एसीएस और सीबीएसई चेयरमैन को चिठ्ठी लिखी
है। वहीं एनसीपीसीआर ने पुलिस को आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत
कार्रवाई के लिए कहा है।





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