शिवपुरी जिले के खनियांधाना नगर के प्राचीन सिद्धपीठ हजारिया महादेव मंदिर में बाउंड्री वॉल पर बुलडोजर कार्रवाई के बाद शुरू हुआ विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। श्रद्धालुओं के विरोध के बाद प्रशासन ने मंदिर की जमीन का सीमांकन शुरू कर दिया है। मौके पर तहसील प्रशासन, नगर परिषद और पुलिस बल तैनात है।
मंदिर समिति का कहना है कि 3 अगस्त 2026 को तहसीलदार और नगर परिषद को लिखित आवेदन देकर सावन में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल निर्माण की जानकारी दी गई थी और सहयोग मांगा गया था। इसके बावजूद बिना पूर्व सूचना या नोटिस के निर्माणाधीन दीवार को तोड़ दिया गया।
मंदिर समिति के प्रतिनिधि रमाकांत पाठक ने दावा किया कि जिस भूमि पर निर्माण हो रहा था, वह मंदिर के वैध खाते (खसरा) की जमीन है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने किसी व्यक्ति विशेष के दबाव में एकतरफा कार्रवाई की।
विरोध बढ़ने पर तहसीलदार निशिकांत जैन, नगर परिषद सीएमओ आशुतोष त्रिपाठी और थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। श्रद्धालुओं की मांग पर प्रशासन ने मंदिर की जमीन का सीमांकन शुरू कर दिया है।
प्रशासन का कहना है कि सीमांकन रिपोर्ट आने के बाद ही भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और आगे की कार्रवाई उसी के आधार पर तय की जाएगी।








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