शिवपुरी। जिले की बदरवास तहसील के ग्राम मंगलोर और ईश्वरी में राजस्व अभिलेखों में बड़े पैमाने पर कथित हेरफेर का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी शिवपुरी को आवेदन सौंपकर वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान हुए नामांतरण और अभिलेखीय परिवर्तनों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई सर्वे नंबरों में पूर्व खातेदारों के नाम हटाकर अन्य व्यक्तियों के नाम दर्ज कर दिए गए हैं। इतना ही नहीं, कुछ मामलों में निजी भूमि को शासकीय और शासकीय भूमि को अन्य श्रेणी में दर्ज किए जाने जैसी गंभीर अनियमितताएं भी सामने आई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन परिवर्तनों की प्रक्रिया और वैधानिक आधार स्पष्ट नहीं हैं, जिससे पूरे मामले पर संदेह उत्पन्न हो रहा है।
आवेदन में ग्राम मंगलोर के कई सर्वे नंबरों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि मूल खातेदारों के नाम हटाकर नए नाम दर्ज किए गए हैं। वहीं 21 सर्वे क्रमांकों में दर्ज प्रविष्टियों की विशेष जांच की मांग की गई है। ग्रामीणों का दावा है कि इससे लगभग 13.4 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हुई है।
ग्राम ईश्वरी में भी कई सर्वे नंबरों की भूमि, जो पहले निजी खातेदारों के नाम दर्ज थी, अब राजस्व रिकॉर्ड में शासकीय भूमि के रूप में दर्ज दिखाई दे रही है। इसे लेकर भी ग्रामीणों ने गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी या विशेष जांच दल (SIT) से कराई जाए। साथ ही नामांतरण आदेश, खसरा, बी-1, नोटशीट और अन्य अभिलेखों की गहन जांच की जाए। जांच पूरी होने तक संबंधित भूमि पर नामांतरण, हस्तांतरण और बंटवारे जैसी प्रक्रियाओं पर रोक लगाने की भी मांग की गई है।
आवेदन में यह भी कहा गया है कि यदि जांच में कूट रचना, रिकॉर्ड में हेरफेर या धोखाधड़ी सिद्ध होती है तो संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों, पटवारियों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ एफआईआर दर्ज की जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच और कार्रवाई नहीं की गई तो वे न्यायालय और उच्च न्यायालय की शरण लेंगे।







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