शिवपुरी। आशा एवं सुपरवाइजर कार्यकर्ता महासंघ, जिला शिवपुरी ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए जल्द समाधान नहीं होने पर हड़ताल और आंदोलन की चेतावनी दी है। संगठन का कहना है कि आशा, ऊषा और आशा सुपरवाइजर स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं, इसके बावजूद उन्हें समय पर भुगतान और अन्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
जिला अध्यक्ष अंजू यादव के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि आशा कार्यकर्ता मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर और प्रजनन दर को कम करने के उद्देश्य से कार्य कर रही हैं। इसके साथ ही वे आयुष्मान योजना, टीकाकरण, प्रसव सेवाओं सहित स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
संगठन ने आरोप लगाया कि जनवरी 2026 से मई 2026 तक का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। बार-बार मांग उठाने के बावजूद बजट और तकनीकी समस्याओं का हवाला देकर भुगतान टाला जा रहा है। ज्ञापन में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा घोषित बढ़ी हुई राशि का एरियर भी तत्काल देने की मांग की गई है।
ज्ञापन में मांग हैँ की जनवरी से मई 2026 तक का लंबित भुगतान तत्काल किया जाए। प्रत्येक माह समय पर मानदेय और प्रोत्साहन राशि का भुगतान हो। बढ़ी हुई राशि का लगभग 18 हजार रुपए एरियर प्रति आशा एवं सुपरवाइजर को दिया जाए। अतिरिक्त वेतन का प्रावधान किया जाए। आशा एवं आशा सुपरवाइजरों से निर्वाचन संबंधी कार्य न कराया जाए। सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष निर्धारित की जाए।
संगठन ने समय पर भुगतान न होना, अत्यधिक कार्यभार, कम मानदेय, पीएफ-ईएसआईसी जैसी सुविधाओं का अभाव, अवकाश नहीं मिलना तथा मानसिक तनाव और सामाजिक सम्मान की कमी जैसी समस्याओं का भी उल्लेख किया है।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द मांगों का निराकरण नहीं हुआ तो आशा, ऊषा और आशा सुपरवाइजर कार्यकर्ता स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित करते हुए “कलम बंद, काम बंद” हड़ताल शुरू करने को मजबूर होंगी। संगठन ने कहा कि ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाले प्रभाव की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।







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