शिवपुरी जिले के उमरीखुर्द गांव की रहने वाली एक महिला किसान ने फर्जी खाते के जरिए गेहूं बिक्री का भुगतान निकालने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर से शिकायत की है। महिला का कहना है कि समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के बाद मिलने वाली राशि किसी दूसरे खाते में पहुंच गई और बाद में पैसे निकाल लिए गए।
पीड़िता रानी तिवारी के पति सतीश कुमार तिवारी ने 25 अप्रैल 2026 को समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र बमरा-पचावली हाड़ा पर 23 क्विंटल गेहूं बेचा था। जिसकी तौल पर्ची 2 मई 2026 को बनाई गई थी।
रानी तिवारी के अनुसार, गेहूं बिक्री का भुगतान उनके खाते में आना था, लेकिन बैंक पहुंचने पर पता चला कि खाते में राशि नहीं आई है। बाद में जानकारी मिली कि पोर्टल पर उनके नाम से एक फर्जी खाता जोड़ा गया था, जिसमें भुगतान ट्रांसफर कर दिया गया।
आवेदन में बताया गया कि बैंक और पोस्ट ऑफिस में जानकारी लेने पर सामने आया कि फर्जी खाते के माध्यम से कई बार में रकम निकाली गई। महिला ने आरोप लगाया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके नाम से फर्जी खाता खोलकर करीब 23 हजार रुपये से अधिक की राशि निकाल ली।
पीड़िता ने यह भी बताया कि मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उनकी गेहूं बिक्री की राशि वापस दिलाने की मांग की है।
महिला किसान ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो अन्य किसानों के साथ भी इस प्रकार की धोखाधड़ी हो सकती है।







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