शिवपुरी जिले की गड़ीबरोद कॉलोनी में रहने वाले सहरिया आदिवासी परिवार पिछले करीब दो वर्षों से गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। समस्या से परेशान महिलाओं और ग्रामीणों ने जनसुनवाई में पहुंचकर जिला कलेक्टर से तत्काल समाधान की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि कॉलोनी में लगभग 100 सहरिया आदिवासी परिवार निवासरत हैं, लेकिन आज तक नियमित पेयजल व्यवस्था उपलब्ध नहीं हो सकी है। स्थिति यह है कि लोगों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार कॉलोनी में पानी के लिए बोर तो कराए गए थे, लेकिन उनकी बिजली लाइन काट दी गई है। इससे मोटर बंद पड़ी है और पानी सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है। मजबूरी में गरीब परिवारों को बाहर से पैसे देकर पानी खरीदना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हर महीने करीब 150 रुपये खर्च कर पानी मंगाना पड़ता है, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ बन गया है।
आवेदन में बताया गया कि सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को हो रही है। छोटे-छोटे बच्चे सुबह से शाम तक घड़ा, बाल्टी और कट्टी लेकर पानी की तलाश में भटकते रहते हैं, जबकि महिलाओं को लंबी दूरी तय कर पानी लाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि शासन की नल-जल योजना के तहत पाइप लाइन तो बिछा दी गई, लेकिन आज तक जल सप्लाई शुरू नहीं की गई। योजना केवल कागजों तक सीमित होकर रह गई है।
जनसुनवाई में कई महिलाएं सिर पर खाली कट्टी और तमेड़ी रखकर कलेक्ट्रेट पहुंचीं और प्रशासन से जल्द पेयजल व्यवस्था बहाल करने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।







Be First to Comment