
शिवपुरी। शहर में चल रहे जल क्रांति आंदोलन से जुड़े भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व जिला उपाध्यक्ष हरिहर शर्मा का मानना है कि शिवपुरी जिले का भाजपा संगठन संवेदना शून्य है। शहर में 41 दिनों से सिंध के पानी के लिए और सिंध जलावर्धन योजना में भ्रष्टाचारियों को दंडित करने के लिए आंदोलन चल रहा है, लेकिन जल क्रांति सत्याग्रहियों की सुनवाई करने के लिए कोई भाजपा नेता नहीं आया। यहां तक प्रभारी मंत्री चार बार शिवपुरी आए और चले गए। उन्होंने इन लोगों को समझाने और समाधान की कोशिश क्यों नहीं की? आखिर भ्रष्ट लोगों को बचाने का क्यों प्रयास हो रहा है। श्री शर्मा ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि मैं विगत 45 वर्षों से भाजपा का घोषित समर्थक रहा हूं और उनके हिस्से का प्रायश्चित मुझे ही करना चाहिए। इसलिए 4 जून तक यदि जल सत्याग्रहियों का समुचित समाधान नहीं किया गया तो मैं कलेक्टर कार्यालय के बाहर खुले आसमान के नीचे 24 घंटे का सामूहिक उपवास बिना किसी तामझाम के करूंगा। उन्होंने यह भी अल्टीमेटम दिया है कि अगले चरण में अनिश्चितकालीन अनशन। उनकी इस पोस्ट से भाजपा हल्कों में सनसनी का वातावरण व्याप्त हो गया है।
पुराने भाजपा नेता हरिहर शर्मा इस बात से व्यथित हैं कि कल जल सत्याग्रहियों के नेतृत्व में शहर की जनता ने रैली निकालकर कलेक्टर को ज्ञापन देने का निर्णय लिया था, लेकिन कलेक्टर ज्ञापन लेने के लिए नहीं आई और जल सत्याग्रहियों को ज्ञापन दिए बिना बैैरंग लौटना पड़ा। श्री शर्मा के अनुसार इससे स्पष्ट है कि निरकुंश अफसरशाही को जनता की परेशानियों से कोई लेनादेना नहीं है। उन्हें इस बात का भी कष्ट है कि 40 दिन से अधिक आंदोलन हो गए, लेकिन चर्चा करने के लिए न तो कोई शासन और न ही प्रशासन का कोई प्रतिनिधि आया। उनके अनुसार शिवपुरी जिले में भाजपा संगठन शून्य है और इसी कारण अफसरशाही की मनमानी है। उनके पोस्ट डालने के बाद अब उन्हें मनाने के प्रयास तेज हो गए हैं।
40 साल की तपस्या को दांव पर लगाने से पहले मेरे प्रश्रों का उत्तर दें : सुरेंद्र शर्मा
वरिष्ठ भाजपा नेता हरिहर शर्मा द्वारा फेसबुक पर पोस्ट डालने के बाद एक तरह से उन्हें समझाइश के लिए उस पोस्ट पर भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेंद्र शर्मा ने अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं और उनसे अनुरोध किया है कि पार्टी में चालीस साल की तपस्या को दांव पर लगाने से पहले वह मेरे प्रश्रों का उत्तर खोजें। श्री शर्मा ने उनसे सवाल किए हैं कि क्या उन्होंने कलेक्टर से मिलने का समय लिया था और क्या कलेक्टर ने समय दिया और क्या जब वो लोग कलेक्ट्रेट गए तो कलेक्टर वहां थीं। जब एडीएम को ज्ञापन देने से काम हो जाता तो फिर उन्हें ज्ञापन क्यों नहीं दिया गया। क्या कलेक्टर को चेहरा दिखाना जरूरी था या समस्या का समाधान।
हरिहर जी का जवाब मेरी घोषणा का कलेक्टर से क्या लेना देना
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेंद्र शर्मा को 4 जून से अनशन पर बैठने वाले हरिहर शर्मा ने जवाब दिया है। उनका कहना है कि मेरी घोषणा का कलेक्टर से क्या लेना देना। मैं तो आप लोगों की संवेदना जागृत करना चाह रहा हूं। संगठन के लोग जल सत्याग्रहियों से अभी तक क्यों नहीं मिले और क्यों भ्रष्टाचारियों को बचाने की कोशिश हो रही है। उनके खिलाफ जांच की मांग क्यों नहीं मानी जा रही।
इनका कहना है
- 4 जून को अनशन की बात पर मैं कायम हूं, लेकिन यदि इसके पूर्व जल सत्याग्रहियों की सुनवाई होती है और उनकी मांगे मान ली जाती हैं तो मैं अनशन नहीं करूंगा। अभी मंै पिछोर में संघ के वर्ग में हूं और शाम को आकर आपसे बातचीत करूंगा।
हरिहर शर्मा, वरिष्ठ भाजपा नेता






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