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45 हजार के इनामी गुड्डा गुर्जर गिरोह को पकडऩे एड़ी स्पेशलिस्ट बृजमोहन रावत को सौंपी जिम्मेदारी / Shivpuri News

शिवपुरी। मुरैना जिले के 45 हजार के इनामी गुड्डा गुर्जर गिरोह को घेरने के लिए शिवपुरी में अब एडी टीम (दस्यु उन्मूलन दल) फिर तैयार हो गई है। एडी स्पेशलिस्ट बृजमोहन रावत को भी दूसरे जिले से बुलाया गया है। इतना ही नहीं, बह्मारी-डोंगरी के जंगल में सुरक्षा के मद्देनजर 1-4 का गार्ड भी तैनात किया गया है। खास बात यह है कि इस क्षेत्र में ३ लोगों की वैध लीज है, जबकि एक सैकड़ा अवैध पत्थर खदानों का संचालन हो रहा है। जंगल में बेरोकटोक अवैध उत्खनन लंबे वक्त से चल रहा है, जिस पर विभागों ने तो कुछ नहीं किया पर डकैतों की नजर जरूर पड़ गई। सूत्रों के अनुसार बह्मारी डोंगरी के जंगल में तीन लीजधारक हैं, जिनमें शिवपुरी के दो कारोबारियों सहित धौलागढ़ के एक शख्स के नाम से हैं। उक्त तीन वैध लीज के अलावा पूरे जंगल में हर 20 कदम पर पत्थर की खदान संचालित हो रही है। बियावान जंगल में अभी तक वैध/अवैध खदान कारोबारी ही माल कमा रहे थे, लेकिन अब इन पर डकैतों की नजर पड़ गई। बीते सोमवार को मुरैना के इनामी डकैत गुड्डा गुर्जर गिरोह ने जब डोंगरी गांव वालों से 10 लाख व खदान कारोबारियों से 2-2 लाख की मांग करते हुए गोली मारने की धमकी दी तो पुलिस के भी हाथ-पांव फूल गए। क्योंकि गड़रिया गिरोह के बाद जिले में गट्टा गिरोह का खात्मा होने के बाद जिला दस्यु विहीन हो गया था। डकैतों की आमद होते ही शिवपुरी पुलिस ने एडी टीम का गठन कर दिया गया। एडी स्पेशलिस्ट बृजमोहन रावत (जो गुना जिले में पदस्थ हैं) को गुना से शिवपुरी बुला लिया गया। एक तरफ जहां एडी टीम को क्षेत्र में डकैतों का मूवमेट पता करने के लिए जंगल में उतारने की तैयारी पूरी कर ली गई, वहीं खदान एरिया में एक-चार का गार्ड भी तैनात कर दिया गया, ताकि गिरोह फिर कोई वारदात न कर दे।
दहशत में खदान कारोबारी
डकैत गिरोह की धमकी के बाद डोंगरी के जंगल में चल रहीं वैध/अवैध पत्थर खदानों पर फिलहाल सन्नाटा पसर गया। चूंकि गिरोह ने सीधे ही धमकी देते हुए लाखों रुपए की मांग की है, इसलिए खदान कारोबारियों के साथ-सथ डोंगरी गांव के लोग भी दहशतजदा हैं। यही वजह है कि जिन खदानों पर दिन भर चहल-पहल रहा करती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। जबकि खदानों पर आधा सैकड़ा व्यापारियों के अलावा दो से लेकर ३ सैकड़ा मजदूर भी काम करते है। चूंकि इस क्षेत्र में जंगल का एरिया बहुत बड़ा है, इसलिए पुलिस की सर्चिंग के दौरान भी खदान पर अब हालात जल्दी सामान्य हो पाएंगे, इसमें अभी संशय बना हुआ है।
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