
कांग्रेस के अधिसंख्यक नेताओं की पोलिंग हारी कांग्रेस
शिवपुरी। 2014 के लोकसभा चुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया की शिवपुरी शहर से लगभग 15 हजार मतों की पराजय हुई थी, लेकिन इस बार उनकी हार का दायरा बढ़कर 25 हजार मतों पर पहुंच गया। 2014 के लोकसभा चुनाव में ग्रामीण क्षेत्रों से सिंधिया को जहां 10 हजार मतों की जीत हासिल हुई थी वहीं इस बार उन्हें 5 हजार मतों से हार का सामना करना पड़ा। खास बात यह है कि कांग्रेस के अधिकांश नेताओं कार्यकर्ताओं और पार्षदों की पोलिंग से कांग्रेस बुरी तरह पराजित हुई।
शिवपुरी शहर की 147 पोलिंगों में से मात्र 22 पोलिंग ऐसी थी जहां कांग्रेस प्रत्याशी ज्योतिरादित्य सिंधिया को बढ़त मिली, लेकिन यह बढ़त भी ऊंट के मुंह में जीरे के समान थी। 122 पोलिंगों पर सिंधिया को बुरी हार का सामना करना पड़ा और वह 24 हजार से अधिक मतों से भाजपा प्रत्याशी केपी ङ्क्षसंह से पीछे रहे। खास बात यह है कि जिन पोलिंग बूथों पर भाजपा को एजेंट नहीं मिले थे वहां भाजपा ने कमाल का प्रदर्शन कर दिखाया। शिवपुरी शहर के जिन कांग्रेस नेताओं की पोलिंग पर सिंधिया पराजित हुए हैं उनमें नगरपालिका अध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह, उपाध्यक्ष अन्नी शर्मा, पूर्व विधायक गणेश गौतम, हरिवल्लभ शुक्ला, प्रदेश कांग्रेस सचिव राकेश जैन, शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धार्थ लढ़ा और शैलेंद्र टेडिय़ा, कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष राकेश गुप्ता, प्रदेश सचिव विजय शर्मा, पार्षद आकाश शर्मा आदि शामिल हैं। पूर्व विधायक गौतम और पूर्व विधायक स्व. जगदीश वर्मा के सुपुत्र पप्पन वर्मा को पिपरसमां पोलिंग की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन वह अपने गांव में सिंधिया को जीत नहीं दिला पाए। यहां तक कि सिंधिया की धर्मपत्नि प्रियदर्शनी राजे ने जिस पोलिंग बूथ 152 पर वोट डाला था वहां पर भी कांग्रेस की तुलना में भाजपा बढ़त में रही। यहां से भाजपा प्रत्याशी केपी यादव को जहां 252 वहीं कांग्रेस प्रत्याशी सिंधिया को मात्र 170 मत मिले। इस तरह से यहां कांग्रेस को 82 मतों की पराजय का सामना करना पड़ा। शिवपुरी की तरह कोलारस में भी कांग्रेस के बड़े नेताओं की पोलिंग से कांग्रेस पराजित हुई है। यहां तक कि पूर्व विधायक महेंद्र यादव की खतौरा गांव की 3 में से 1 पोलिंग पर भाजपा प्रत्याशी केपी यादव को बढ़त मिली है। हालांकि कांग्रेस जिलाध्यक्ष बैजनाथ सिंह यादव के अलावदी गांव की पोलिंग पर कांग्रेस आगे रही है। अलावदी की पोलिंग पर कांग्रेस प्रत्याशी ज्योतिरादित्य सिंधिा को जहां 395 मत हासिल हुए वहीं भाजपा प्रत्याशी केपी यादव सिर्फ 126 मत ही ले पाए। इस पोलिंग पर कांग्रेस को 269 मतों की बढ़त हासिल हुई।
विधायक सिंह की करारखेड़ा पोलिंग पर कांग्रेस रही बढ़त में
शिवपुरी और कोलारस में जहां कांग्रेस नेता सिंधिया को वोट दिलाने में असफल रहे वहीं पिछोर में विधायक केपी सिंह ने अपने निर्वाचन क्षेत्र से सिंधिया को 15 हजार से अधिक मतों की बढ़त दिलाने में सफलता हासिल की। जबकि कांग्रेस की गुटबाजी में ज्योतिरादित्य सिंधिया और केपी सिंह अलग अलग गुट के माने जाते हैं और इसी कारण पांच बार के विधायक होने के बावजूद केपी सिंह को मंत्री मण्डल में स्थान नहीं दिया गया है। श्री सिंह ने अपने गांव करारखेड़ा की पोलिंग पर कांग्रेस के पक्ष में जबरदस्त वोटिंग कराई है यहां कांग्रेस प्रत्याशी ज्योतिरादित्य सिंधिया को 562 मत मिले हैं जबकि भाजपा को मात्र 5। पोलिंग नम्बर 42 में भी कांग्रेस का जलबा कायम रहा, कांग्रेस को 499 मत मिले जबकि भाजपा 12 मत ही ले पाई।
विधायक रघुवंशी की पोलिंग पर जीत वहीं जिलाध्यक्ष रघुवंशी की पोलिंग पर हार
कोलारस विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी केपी यादव 3 हजार से अधिक मतों से विजयी रहे। इस विधानसभा क्षेत्र में भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील रघुवंशी की दो पोलिंग बूथ में से एक पोलिंग बूथ पर भाजपा को जीत और दूसरी पर हार मिली। औसत रूप से जिलाध्यक्ष रघुवंशी की पोलिंग पर भाजपा को 6 मतों से पीछे रहना पड़ा। श्री रघुवंशी की पोलिंग बूथ क्रमांक 159 खरैह में भाजपा प्रत्याशी केपी यादव को 284 और कांग्रेस प्रत्याशी ज्योतिरादित्य सिंधिया को 323 मत हासिल हुए वहीं दूसरी पोलिंग 160 पर भाजपा प्रत्याशी केपी यादव को 263 और कांग्रेस प्रत्याशी सिंंधिया को 230 मत मिले। विधायक वीरेंद्र रघुवंशी के गृहगांव में गिन्दोरा से भाजपा को 415 मत और कांग्रेस को 146 मत हासिल हुए हैं।






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