
शिवपुरी। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक नाबार्ड द्वारा आगामी वित्तीय वर्ष 2018-19 में शिवपुरी जिले के लिए कुल प्राथमिकता क्षेत्र मे लगभग 2481.86 करोड़ रूपये की संभाव्यता युक्त ऋण योजना तैयार की गयी है। फसल ऋण, कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए सावधि ऋण तथा कृषि अधोसंरचना और अनुषंगी गतिविधियों को कुल मिलाकर कृषि के लिए ऋण संभावित 2357.72 करोड़ रूपये है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम हेतु 41.31 करोड़ रूपये के साथ निर्यात क्रेडिटए शिक्षाए आवासए सामाजिक अधोसंरचना एवं अन्य ऋण 82.83 करोड़ रूपये की संभाव्यता का आकलन किया गया है।
इस कार्ययोजना पुस्तिका का आरके जैन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, शिवपुरी जिला पंचायत द्वारा विमोचन किया गया। इस कार्यक्रम मे अजय पालीवाल भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महा प्रबंधक, राजा अय्यर नाबार्ड के जिला विकास प्रबन्धक, महेश शर्मा अग्रणी बैंक प्रबन्धक, एएस कुशवाहा सीईओ जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शिवपुरी, सभी बैंकों के जिला समन्वयक, बैंकर्स, शासकीय विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। आरके जैन द्वारा कार्ययोजना तैयार करने हेतु नाबार्ड की सराहना की गई और सभी विभागों और बैंकों से कार्ययोजना में इंगित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु आव्हान किया गया। नाबार्ड के जिला विकास प्रबन्धक ने बताया की संभाव्यतायुक्त ऋण योजना दस्तावेज़ मे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध भौतिक संभाव्यता का बैंक ऋण के माध्यम से दोहन की संभावना का आकलन किया जाता है। इस संभाव्यता आकलन के दौरान जिले मे वर्तमान मे उपलब्ध अधोसंरचनाए संभाव्यता के पूर्ण दोहन के लिए अपेक्षित अतिरिक्त अधोसंरचनाए पिछले वषों के रुझान और आगामी वर्ष मे संभावित अन्य परिवर्तनों को ध्यान मे रखा जाता है।भारत सरकारएराज्य सरकार और भारतीय रिजर्व बैंककी नीतियों और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2018-19 के संभाव्यता युक्त ऋण योजना का मुख्य विषय श्जल संरक्षण- प्रति बूंद अधिक फसल रखा गया है। किसानों की आय दोगुनी करने, जलवायु परिवर्तन और कौशल भारत योजना पर तीन अलग-अलग अध्याय जोड़े गए हैं। अग्रणी बैंक प्रबन्धक महेश शर्मा ने बताया कि इस संभाव्यता युक्त ऋण योजना के आधार पर अग्रणी बैंक द्वारा अगले वित्तीय वर्ष के लिए जिले का वार्षिक क्रेडिट प्लान आरबीआई के लीड बैंक स्कीम के तहत बनाई गई है।






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