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किसान सम्मेलन में 24406 किसानों के खातों में एक साथ जमा हुई 57 करोड़ 42 लाख की राशि


शिवपुरी। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत जिला स्तरीय किसान सम्मेलन एवं संगोष्ठी में जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने वाले पंजीकृत 24 हजार 406 किसानों के खातों में आज आरटीजीएस के माध्यम से 57 करोड़ 42 लाख से अधिक की राशि एक साथ जमा कराई गई।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का जबलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय किसान महासम्मेलन एवं उत्पादकता प्रोत्साहन राशि वितरण समारोह का एलईडी के माध्यम से सीधा प्रसारण किया गया। इस मौके पर विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर शासन की जनकल्याणकारी एवं हितग्राहीमूलक योजनाओं का जनसामान्य को जानकारी प्रदाय कर साहित्स का भी वितरण किया गया और कम लागत में अधिक उत्पादन कैसे लें, इसके लिए कृषि यंत्री भी प्रदर्शित किए गए। 
जिला मुख्यालय पर स्थित गांधी पार्क शिवपुरी में आयोजित कृषक सम्मेलन एवं संगोष्ठी का कार्यक्रम मछुआ कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष राजू बाथम के मुख्य अतिथि में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता पोहरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रहलाद भारती ने की। कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती शिल्पा गुप्ता, पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाण्डे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश जैन, भारतीय किसान युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष सोनू बिरथरे, किसान संघ के अध्यक्ष कल्याण सिंह बरैया, उपाध्यक्ष शेखर रावत, विजयाराजे सिंधिया कृषि विज्ञान केन्द्र पिपरसमां के पुनीत राठौर सहित बड़ी संख्या में किसान, कृषि वैज्ञानिक एवं अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

किसानों और श्रमिकों के लिए संचालित अनेकों योजनाए: राजू बाथम

मछुआ कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष राजू बाथम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के किसानों एवं श्रमिकों की चिंता कर उनके कल्याण के लिए ऐतिहासिक निर्णय लेकर अनेकों योजनाए बनाई है, जो देश के किसी राज्य में नहीं है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एतिहासिक कदम उठाए गए है।

गेहूं उत्पादन में मध्यप्रदेश पंजाब एवं हरियाणा से भी आगे: विधायक भारती

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधायक प्रहलाद भारती ने कहा कि मध्यप्रदेश एक ऐसा राज्य है, जिसनें कृषि के लिए पृथक से बजट का निर्धारण कर कृषि कैविनेट का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश गेहूं के उत्पादन में पंजाब एवं हरियाणा राज्य को पीछे कर अग्रणीय राज्यों के रूप में उभरा है। किसानों की मेहनत एवं राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओ के कारण प्रदेश को लगातार पांच कृषि कमर्ण पुरस्कार प्राप्त हुए है। भारती ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत गांव-गांव में सड़कों का जाल बिछाया। जिससे किसानों को अपनी उपज शहर में लाने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आ रही है। उनके कार्यकाल में किसान क्रेडिट योजना भी शुरू हुई। भारती ने कहा कि मध्यप्रदेश आज बीमारू राज्य की श्रेणी में निकलकर विकसित राज्य की श्रेणी में आज गया है।

किसान भाई मुख्यमंत्री ऋण समाधान योजना का लाभ लें: कलेक्टर शिल्पा

कलेक्टर श्रीमती शिल्पा गुप्ता ने मुख्यमंत्री ऋण समाधान योजना की जानकारी देते हुए कहा कि ऐसे ऋणी किसान जो 15 जून तक मूलधन की 50 प्रतिशत राशि जमा करते है, उन्हें योजना के तहत ब्याज की राशि माफ की जाएगी और नवीन ऋण के लिए भी वे पात्र हो सकेगे। इस योजना का भी लाभ लेने का किसानों से आग्रह किया। श्रीमती गुप्ता ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप किसान भाई उन्नत तकनीकी एवं शासन की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेकर कम लागत में अधिक उत्पादन लें सकेंगे। इसके लिए किसान भाई योजनाओं का लाभ लेने हेतु आगे आए। उन्होंने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने हेतु शिविर आयोजन की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिले में 5 लाख से अधिक लोगों द्वारा पंजीयन कराया जा चुका है। इन पंजीयनधारी श्रमिकों को स्मार्टकार्ड भी दिए जाएगें।

7 से बढ़कर 35 लाख हेक्टर हो गया सिंचाई क्षेत्र: सोनू बिरथरे

कार्यक्रम को सोनू बिरथरे ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में 2003 में 7 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती थीं जो बढ़कर अब 35 लाख हेक्टेयर हो गई है। उन्होंने कहा कि जबलपुर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राज्यस्तरीय कार्यक्रम में 10.80 किसानों को 2245 करोड़ रूपए की राशि एक क्लिक पर जमा करेंगे।
कल्याण सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश के किसी अन्य राज्य में  समर्थन मूल्य पर गेहंू बेचने पर उत्पादकता प्रोत्साहन राशि नहीं दी जा रही है। केवल मध्यप्रदेश ही ऐसा राज्य है, जहां किसानों को 265 रूपए प्रति क्विंटल पर प्रोत्साहन राशि प्रदाय की जा रही है। जिला पंचायत के के.के.शर्मा ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम के शुरू में उपसंचालक कृषि आर.एस.शाक्यवार ने बताया कि शासन द्वारा घोषित समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने वाले पंजीकृत किसानों को 265 रूपए उत्पादकता प्रोत्साहन राशि प्रदाय किए जाने का निर्णय लिया गया था। जिले में इस वर्ष 24 हजार 406 किसानों द्वारा अपना पंजीयन कराकर अपना गेहूं बेचा गया। जिन्हें उत्पादकता प्रोत्साहन राशि के रूप में कुल साढ़े 57 करोड़ की राशि सीधे उनके खाते में जमा कराई गइ है। शाक्यवार ने बताया कि 22 जून को चना, मसूर एवं सरसों बेचने वाले किसानों को 100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से प्रोत्साहन राशि किसानों के खातें जमा कराई जाएगी। कार्यक्रम का संचालन कृषि विभाग के एस.के.दुबे ने किया। अंत में सभी के प्रति आभार सहायक संचालक कृषि नरेश मीणा ने किया।

किसानों को दी जानकारी

जिसमें कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यान, जनपद पंचायत, सहकारिता आदि विभागों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। साथ ही कृषि वैज्ञानिकों एवं उक्त विभागों के जिला अधिकारियों द्वारा कृषि से संबंधित उन्नत तकनीकी के बारे में जानकारी दी गई।

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