
जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक शिवपुरी राजेश हिंगणकर द्वारा थाना प्रभारी सीहोर उनि दिनेश बिरथरे को उक्त घटना को गंभीरता से लेने व क्षेत्र के शातिर अपराधियों व जेल से छूटे हुये अपराधियों की गतिविधियों पर ध्यान केन्द्रित कर पतारसी हेतु निर्देशित किया गया। विवेचना के दौरान विश्वस्थ मुखबिर द्वार सूचना प्राप्त हुई कि सुनारी के सुधीश तिवारी के ग्राम बहरूका थाना वीरपुरा जिला दतिया के लुटेरों शिवम पुत्र कालीचरण चौबे, 25 साल व बसंत पुत्र शोभाराम पाल, 25 साल से गहरे संबंध है तथा घटना दिनाँक के आसपास इनकी उपस्थिति घटनास्थल के आसपास देखी गयी है इसी सूत्र को आधार मानकर संदेहियों की तलाश की गयी। कल पुलिस अधीक्षक शिवपुरी को मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि तीनों संदेही एक मोटर साइकिल से भितरवार की ओर जा रहे है। सूचना पर पुलिस अधीक्षक शिवपुरी द्वारा अति. पुलिस अधीक्षक शिवपुरी गजेन्द्र सिंह कंवर को आदेशित किया गया कि संदेही बसंत व शिवम पूर्व शातिर अपराधी है अत: साहस व सूझबूझ के साथ तत्काल कार्यवाही कर सूचना से मुझे अवगत करायें पर से अति. पुलिस अधीक्षक शिवपुरी एवं एस.डी.ओ.पी. करैरा रत्नेश सिंह तोमर के निर्देशन में पुलिस टीम थाना प्रभारी दिनेश बिरथरे के नेतृत्व में स.उ.नि. रामबरन सिंह तोमर, सउनि पुष्पेंद्र सिंह चौहान ,प्रआर. संतोष कुमार, आर. अर्जुन सिंह, आर. दीपक, आर. चा. यशवंत सिंह के द्वारा तीनों संदेहियों को गोहिंदा तिराहा भितरवार रोड पर पकड़ा गया व थाने लाकर पूछताछ की तो संदेही बंसत व शिवम ने सुधीश तिवारी की सूचना पर अपराध घटित करना स्वीकार किया। बदमाशों की गिरफ्तारी में विशेष योगदान देने पर सउनि पुष्पेन्द्र सिंह चौहान व प्रआर. संतोष कुमार को पुलिस अधीक्षक द्वारा व्यक्तिगत रूप से बधाई दी गयी।
इस तरह दिया घटना को अंजाम
बदमाशों ने बताया कि 30 जुलाई को छितरी तिराहे पर उनके द्वारा रेकी की गयी इसके बाद 31 जुलाई बदमाशों द्वारा इन्दरगढ़ तिराहे पर आकर फरियादी का इन्तजार किया गया। फरियादी के नरवर से मोटर साइकिल द्वारा आने पर सुधीश तिवारी द्वारा इशारा किया गया कि यही शिकार है व तीनों के द्वारा फरियादी का पीछा किया गया सुधीश तिवारी को फरियादी पहचानता था इसलिये वह नैनागिर तिराहे पर उतर गया इसके बाद बसंत व शिवम ने ग्राम नैनागिर से 01 कि.मी. आगे पहुँचकर कट मार कर फरियादी को गिरा दिया व कट्टा अड़ाकर बैग, मोबाइल, एटीएम व चैक छीनकर वापस नैनागिर की ओर भागे रास्ते से सुधीश को साथ लेकर डबरा की ओर निकले तथा रास्ते में फरियादी का मोबाइल टावर लोकेशन मिलने के डर से फेंक दिया, डबरा रेल्वे स्टेशन के मालगाड़ी वाले प्लेटफार्म पर पहुँचकर लूटी गयी राशि का बंटवारा किया।






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