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श्रम दिवस पर मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ ने सौंपा 21 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन | Shivpuri News

शिवपुरी। मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ ने मजदूर(श्रम) दिवस के अवसर पर आज पत्रकारों की विभिन्न समस्याओं को लेकर कलेक्टर को 21 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। जिला मुख्यालय शिवपुरी पर प्रांतीय आव्हान पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष मेहताब सिंह तोमर के नेतृत्व में जिलाध्यक्ष राजू यादव (ग्वाल)द्वारा अपने जिले की टीम के साथ कलेक्टर सुश्री अनुग्रह पीण् की लोकसभा में व्यस्तता के चलते अपने अधीनस्थ अधिकारी अपर कलेक्टर बी.एस. बालोदिया को जन्सम्पर्क अधिकारी अनूप भारतीय के समक्ष अपने अन्य मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ जिला शिवपुरी के साथियो के साथ सौंपा गया। इस अवसर पर जिला महासचिव नेपाल सिंह बघेल, कोषाध्यक्ष डॉ विजय निराला, पूर्व जिला कोषाध्यक्ष मणिकांत शर्मा, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के अध्यक्ष फ रमान अली, राम यादव, अशरफ कुुर्रेशी, हेमंत शर्मा (बॉबी), दिनेश खटीक, जयनारायण शर्मा, राजा बाबू, जगन सिंह बघेल, करैरा से आये संजय गुप्ता, डॉ.जी.डी.शर्मा, डॉ ए.के.मिश्रा, मुकेश चौधरी व नरेन्द्र कुशवाह सहित अन्य पदाधिकारी व सदस्यगण विशेष तौर पर उपस्थित थे।
ब्लॉको में ब्लॉक अध्यक्षो ने भी सौंपा ज्ञापन
मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ द्वारा अपनी 21 सूत्रीय मांगो को लेकर जिला मुख्यालय के अतिरिक्त ब्लॉक अध्यक्षो ने भी संबंधित एसडीएम व तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। करैरा में ब्लॉक अध्यक्ष हीरोज खान द्वारा, पोहरी में प्रदीप गुप्ता द्वारा, बैराढ़ में माखन सिंह धाकड़, कोलारस में राहुल शर्मा, बदरवास में मोनू चतुर्वेदी द्वारा, नरवर में के सी अग्रवाल द्वारा, पिछोर में रामकृष्ण पाराशर व खनियाधाना में ब्लॉक अध्यक्ष बमोरकला के राकेश गुप्ता द्वारा श्रमजीवी पत्रकार संघ की लंबित मांगो को लेकर ज्ञापन सौंपा गया।
इन 21 मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
ज्ञापन में पत्रकार भवन भोपाल की लीज डीड बहाल करने, पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने, मजीठिया वेतन आयोग की सिफ ारिशें ठीक से लागू कराने त्रिपक्षीय वार्ता कमेटी बनाने, पत्रकार उत्पीडऩ मामले में संभाग व जिला स्तर पर प्रकोष्ठ बनाने, पत्रकारों की बेगारी प्रथा पर रोक लगाने, डेस्क पर कार्यरत श्रमजीवी पत्रकारों को भी अधिमान्यता देने, समिति की अनुशंसा के बिना अधिमान्यता कार्ड न बनाने, श्रमजीवी पत्रकार कल्याण आयोग गठित करने, तहसील स्तर पर सूचना सहायक नियुक्त करने, तहसील स्तर की अधिमान्यता पीआरओ की अनुशंसा से देने, अधिमान्य पत्रकारों को अन्य राज्यों के अधिमान्य पत्रकारों की तरह सुविधाएं देने,  श्रमजीवी पत्रकारों को सांसद, विधायकों की तरह राज्य सरकार के विश्राम भवनों में रुकने की सुविधा देने, टोल नाकों पर मप्र श्रमजीवी पत्रकार संघ के कार्ड को मान्यता देने, पत्रकार भवन के लिए जमीन देने और श्रमजीवी पत्रकारों को आवास देने की मांग उठाई गई है। ज्ञापन में समाचार पत्रों तथा पत्रकारों को जीएसटी से मुक्त रखने, लघु एवं मध्यम समाचार पत्रों की विज्ञापन नीति पर सहानुभूति से विचार करने की मांग की गई है। इसके साथ ही कतिपय संगठनों द्वारा अधिमान्य शब्द का दुरुपयोग करने पर सख्त कदम उठाने की मांग की गई है।
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