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दिल्ली से 16 हजार किमी की यात्रा के बाद शहीद स्वाभिमान यात्रा पहुंची तात्याटोपे समाधि पर

तात्या को नमन कर यात्रा का नेतृत्व कर रहे बिधूड़ी ने भगतसिंह को राष्ट्रपुत्र की उपाधि एवं शहीदों को सर्वोच्च सम्मान की मांग की


शिवपुरी।
23 मार्च को इंडिया गेट से शहीदों और वीर जवानों के प्रति श्रृद्धा सुमन
अर्पित करने की दृष्टि से शुरू की गई ऐतिहासिक स्वाभिमान यात्रा लगभग 16
हजार किमी का सफर तय कर शिवपुरी पहुंची। शिवपुरी पहुंचकर यात्रा में शामिल
लगभग 30 लोगों ने शहीद तात्याटोपे की बलिदान स्थली पर पहुंचकर उन्हें नमन
किया। इसके बाद यात्रा शहर भ्रमण के लिए निकली। यात्रा का नेतृत्व कर रहे
सुरेंद्र सिंह बिधूड़ी ने कहा कि सन 1857 से लेकर आज तक भारत देश के लिए
अपने प्राण न्यौछावर करने वाले बलिदानी योद्धाओं को क्रांतिकारी कहकर
संबोधित किया जाता है जबकि वास्तव में उन्हें शहीद का दर्जा मिलना चाहिए,
लेकिन सरकारें उन्हें क्रांतिकारी कहकर ही संबोधित करती है। ऐसी स्थिति में
उन महान योद्धाओं के परिवारजनों को शासन से दी जाने वाली सुविधाएं  नहीं
मिल पाती हैं। इसी उद्धेश्य से उन्होंने यह यात्रा प्रारंभ की है और वह 29
राज्यों मेंं पहुंचकर लोगों को जागरूक कर बलिदानियों को शहीद का दर्जा
दिलाने की मांग कर रहे हैं। अभी तक उन्होंने 23 राज्यों की यात्रा पूर्ण कर
ली है। जहां उनके द्वारा निकाली जा रही इस यात्रा का जगह जगह भव्य स्वागत
किया गया है और लोग उनके समर्थन में आए हैं।
यात्रा तात्याटोपे बलिदान
स्थली से प्रारंभ होकर अस्पताल चौराहा, कस्टम गेट, आर्यसमाज से ओरियंटल
चौराहा पहुंची जहां स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नरहरि प्रसाद शर्मा को
पुष्पांजलि देकर यात्रा हंस बिल्डिंग पहुंची। जहां दैनिक सांध्य तरूण सत्ता
के प्रधान संपादक डॉ. रामकुमार शिवहरे और मानव वेलफेयर सोसायटी के संयोजक
संतोष शिवहरे के साथ संस्था के राजेश ठाकुर सहित समिति के सदस्यों ने
यात्रा का स्वागत किया और यात्रा में शामिल लोगों को स्वलपाहार कराया। इसके
बाद यात्रा चंद्रशेखर आजाद पार्क पर नमन करते हुए पहुंची जहां चंद्रशेखर
आजाद को नमन करती हुई माधव चौक होती हुई वीर सावरकर पार्क से होटल तरूण
रेजीडेंसी पहुंची। जहां यात्रा का समापन किया गया ओर अल्प विश्राम के
पश्चात वह ग्वालियर के लिए रवाना हुए।

शहीद भगतसिंह की विशाल प्रतिमा स्थापित करना ही उनके जीवन का लक्ष्य : बिधूड़ी

ऐतिहासिक
शहीद स्वाभिमान यात्रा का नेतृत्व कर रहे सुरेंद्र सिंह बिधूड़ी ने होटल
तरूण रेजीडेंसी में आयोजित पत्रकारवार्ता में पत्रकारों को जानकारी देते
हुए बताया कि उनके जीवन का एकमात्र लक्ष्य भारत मां के वीर सपूत शहीदे आजम
भगतसिंह की विशाल प्रतिमा स्थापित करना है। जिसके लिए वह यात्रा के माध्यम
से देश के हर राज्य से मिट्टी एकत्रित कर रहे हैं और उसी मिट्टी से वह
विशाल प्रतिमा का निर्माण कराएंगे। साथ ही शहीद स्मारक और शहीद संस्थान की
भी स्थापना उक्त मिट्टी से कराएंगे। जहां वह देश के स्वतंत्रता संग्राम से
लेकर आज तक देश के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले शहीदों के बारे में
जानकारी लोगों को एकत्रित कराएंगे। श्री बिधूड़ी ने कहा कि यह संस्थान देश
की भावी पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति का पाठ पढ़ाने का कार्य कर रही है। देश की
राजधानी दिल्ली में स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम वीर सपूतों और सीमा पर
शहीद होने वाले वीरों को सम्मान दिलाने के लिए पिछले लंबे समय से प्रयासरत
हैं और उनके प्रयास सार्थक भी हो रहे हैं और लोग उनसे जुड़कर इस मुहिम में
शामिल हो रहे हैं।
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