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बच्चे का जन्मदिन मनता देख खुशी में झलके माँ-पिता के आंसू ,काउंसलरों की समझाइश पर 15 परिवारों में हुई सुलह

-एक प्रकरण में कानूनी कार्यवाही की अनुशंसा  

शिवपुरी। स्थानीय पुलिस कंट्रोल रूम में शनिवार को आयोजित परिवार परामर्श केन्द्र के शिविर में कुल 36 प्रकरण प्रस्तुत किये गए। इसमें जहां 15 प्रकरणों में समझौता करा कर अब तक का समझौतों का अधिकतम रिकार्ड बनाया गया। वहीं 01 प्रकरण में पुलिस थाना सुभाषपुरा को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने  वैधानिक कार्यवाही की अनुशंसा के साथ रिपोर्ट तलब की गई। 04 प्रकरणों में एक पक्ष अनुपस्थित रहा तथा 6 प्रकरणों में पुन: परामर्श हेतु आगामी दिनांक नियत की गई।  04 प्रकरणों को न्यायालय भेजने की अनुशंसा की गई।

ग्वालियर जॉन के आईजी अंशुमन यादव के कुशल मार्गदर्शन एवं शिवपुरी जिला पुलिस अधीक्षक सुनील पाण्डेय के नेतृत्व में अनवरत चलाए जा रहे जिला पुलिस परिवार परामर्श शिविर शनिवार को आयोजित किया गया। जिला पुलिस परिवार परामर्श केन्द्र के शिविर में परामर्शदाताओं के प्रयास और पारिवारिक समझाइश से 15 बिछड़े परिवारों में सुलह कराई गई। 

शिवपुरी स्थित हवाई अड्डे की पास बाली कॉलोनी में निवासरत राजेश का उसकी पत्नि सीता से विवाद चल रहा था। इनके विवाह को 18 वर्ष हो चुके थे और इनके तीन बच्चे भी थे। विगत 6 माह से पति-पत्नि अलग रह रहे थे और तीनों बच्चे जिसमें सबसे बड़ी बच्ची 17 वर्ष की थी। माँ के साथ रह रही थी। समझाईश के दौरान काउन्सलरों को मालूम पड़ा कि आज उसके इकलौते बेटे का जन्म दिन है तो काउन्सलरों ने पति-पत्नि को समझाईश देने के साथ-साथ उसके इकलौते 6 वर्षीय बेटे का जन्म दिन भी मनाया। यह देखकर बच्चे की माँ की आंखें खुशी के मारे छलछला गई और पति-पत्नि में सुलह हो गई। एक अन्य प्रकरण में नंद और भाभी के बीच विवाद था जिसके चलते भाभी यह मान रहीं थी कि उसके घर में अशांति का मुख्य कारण नंद का हस्तक्षेप है। काउन्सलरों द्वारा जब दोनों को साथ बिठाकर समझाया गया तो उन दोनों ही अपने गिले शिकवे भुलाकर एक दूसरे को माला पहनाई। भाभी और नंद में समझौता होने के साथ-साथ पति और पत्नि में भी समझौता हो गया। क्योंकि नंद के विवाद के कारण पति-पत्नि अलग रह रहे थे। एक अन्य मार्मिक प्रकरण में ग्वालियर निवासी फौजिया का विवाह शिवपुरी के रहीस अहमद के साथ हुआ था। प्रसव के समय उसे बेटी हुई लेकिन साथ ही उसके आधे शरीर में फालिस मारने के कारण उसका एक हाथ और पैर ने काम करना लगभग बंद कर दिया। साथ ही उसकी बोली भी चली गई। उसका पति उसके देख रेख कर रहा था मगर मायके पक्ष को ऐसा लगा कि वह प्रोपर देख रेख नहीं कर रहे हैं। इसी के चलते वह अपनी बेटी को ग्वालियर ले गए। आज परामर्श दाताओं ने अपनी कुशल समझाईश से लड़की के पिता तथा पति को समझाया और यह तय पाया गया कि वे ग्वालियर में किसी अच्छे न्यूरोलॉजिस्ट को दिखाकर उसका उपचार करायेंगे इस तरह उन दोनों परिवारों में सुलह हुई। परामर्श दाताओं ने यह भी आश्वासन दिया चूंकि वे मजदूरी करते हैं। इसलिए उसके इलाज में यथा संभव व्यक्तिगत स्तर पर और शासन स्तर पर जो भी मदद होगी उसके लिए सभी परामर्शदाता अपनी-अपनी ओर से उस महिला के उपचार के लिए प्रयास करेंगे।  

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य, जिला संयोजक आलोक एम इंदौरिया, वरिष्ठ काउन्सलर श्रीमती सीमा-सुनील पाण्डेय, महिला सैल प्रभारी कोमल परिहार, पुष्पा खरे, आनंदिता गांधी, प्रीति जैन, स्वेता गंगवाल, संतोष शिवहरे,  राजेन्द्र राठौर, हरवीर सिंह चौहान, समीर गांधी, डॉ. विजय खन्ना,   एएसआई बेबी तबस्सुम सहित महिला सेल का स्टाफ मौजूद था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य ने महिला सैल के उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए स्टाफ को प्रशंसा के साथ-साथ पुलिस अधीक्षक महोदय को रिवार्ड हेतु अनुशंसा की।

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