बच्चे नहीं होने के कारण 14 साल साथ रहे पति-पत्नी हुए अलग, दो साल बाद फिर हुए एक

शिवपुरी। पति-पत्नी संतान न होने को लेकर हुए अलग, दो साल बाद फिर हुए एक नेशनल लोक अदालत में शनिवार को आए मामलों में आपसी सहमति से समझौते हुए । इस दौरान 14 साल साथ रहे पति पत्नी में संतान न होने को लेकर हुआ विवाद और 2 साल से अलग रह रहे दंपति ने एक साथ रहने की बात कहकर एक दूसरे को माला पहनाई। इस तरह के कुछ और प्रकरण भी सामने आए जिनमें समझौता हुआ। 
सास ससुर परेशान करते थे इसलिए पति से रूठकर पत्नी ने घर छोड़ा। 13 दिसंबर को पति परिवर्तित नाम किशोर का विवाह पत्नी परिवर्तित नाम कमला से हुआ था। कुछ दिनों तक तो सब ठीक चला इसके बाद पति पत्नी के बीच दोनों मे विवाद होने लगा। इसी बात को लेकर झगडे शुरु हो गए। झगडे का कारण सास से बहू का न बनना था। जब दोनों के बीच अनबन बढ़ी तो पत्नी ने पति का साथ छोड़ा और वह मायके आकर रहने लगी। इसी बीच मामला कोर्ट तक पहुंचा जहां शनिवार को लोकअदालत में दोनों के बयान कुटुंब न्यायाधीश पी के शर्मा और सदस्य श्री बंसल और एडवोकेट नोटरी उत्तमचंद जैन द्वारा सुने गए जब पति अपनी मां से अलग रहने को राजी हुआ तो पत्नी का समझौता पति से हो गया। और दोनों ने एक दूसरे के गले में माला डालकर अपनी सहमति देते हुए। आपसी में राजीनामा कर लिया। 

नेशनल लोक अदालत में 3431 प्रकरणों का निराकरण कर 9 करोड़ 04 लाख से अधिक की राशि का अवार्ड पारित

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के आदेशानुसार एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर निर्देशानुसार तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष आर.बी.कुमार के दिशा निर्देशन में शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में कुल 6987 प्रकरणों में से 3431 प्रकरणों का निराकरण आपसी समझौते के आधार पर करते हुए 9 करोड़ 04 लाख 46 हजार 829 रूपए की अवार्ड पारित कर 3850 लोगों को लाभांवित किया गया। 

जिला एवं सत्र न्यायाधीश आर.बी.कुमार द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया। इस मौके पर विशेष न्यायाधीश/समन्वय अरूण कुमार वर्मा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रमोद कुमार सहित शिवपुरी के समस्त न्यायाधीशगण, अध्यक्ष, अभिभाषक संघ, जिला न्यायालय एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिवपुरी का समस्त स्टॉफ सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। आयोजित नेशनल लोक अदालत में 23 खण्डपीठों का गठन किया गया। जिला मुख्यालय सहित तहसील न्यायालयों करैरा, पिछोर, कोलारस, पोहरी एवं खनियांधाना में भी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।